भोपाल
आईपीएस कॉडर रिव्यू में राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की उम्मीद पर पानी फिर गया, उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उन्हें करीब 11 पद मिल सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। गौरतलब है कि राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के 1996 बैच के अफसरों तक को आईपीएस अवार्ड हुआ है। यदि उनकी उम्मीद अनुसार कॉडर में पद मिलते तो इस वर्ष ही 1997 बैच के अफसर भी आईपीएस हो जाते।

वर्ष 1995 बैच में एसपीएस के अफसरों की संख्या ज्यादा होने के चलते इस बैच के सभी अफसरों को आईपीएस बनने में 6 साल का वक्त लग गया। पिछले साल वर्ष 1996 बैच के अफसर आईपीएस बनना शुरू हुए। इस साल भी इसी बैच के अफसर आईपीएस बनेंगे, जबकि अब कॉडर रिव्यू में वर्ष 1997 के भी कुछ अफसरों को आईपीएस बनने का मौका मिल जाएगा, लेकिन इस साल यह बैच पूरा नहीं हो सकेगा। जबकि कॉडर रिव्यू में इन्हें 11 पद मिलते तो यह बैच आधे से ज्यादा आईपीएस बन सकता था। अब इस बैच के अफसरों को आईपीएस बनने के लिए एक साल और इंतजार करना होगा।

यहां एसपी का पद भी नहीं मिला
इधर लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में भी आईपीएस अफसरों को एसपी रैंक पर एंट्री नहीं मिल सकेगी। कॉडर रिव्यू के लिए ईओडब्ल्यू में एसपी रेंक पर आईपीएस अफसरों को पदस्थ करने का प्रस्ताव था, लेकिन अब यह प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में चला गया है। यहां पर राज्य पुलिस सेवा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंक के अफसरों को एसपी बनाया जाता है।