रायपुर
कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे ने समय सीमा की बैठक में विभिन्न विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में आर्थिक रूप से कमजोर (ई.डब्लू.एस) वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित भूमि को 25 जुलाई तक पहचान करने के निर्देश दिए है। ऐसे आरक्षित भूमि का शासन के पक्ष में यथाशीघ्र पंजीयन कराना है। इसी तरह राजस्व अधिकारी ध्यान रखे कि भू-अर्जन प्रकरणों के सीमाकंन में लापरवाही ना हो। शासकीय राशि के नुकसान को बचाने के लिए भू-अर्जन के समय मूल्याकंन सही होना चाहिए। राजस्व अधिकारी यह भी ध्यान रखे कि शासकीय भूमि में अवैध कब्जा होने की स्थिति में मुक्त करने की कार्रवाई यथाशीघ्र की जाए।

बैठक में उन्होंने कहा कि जिले में किसानों के फसलों की मवेशियों से सुरक्षा के लिए 10 से 20 जुलाई के बीच रोका-छेका अभियान चलाया जा रहा है। जिले में स्थापित सभी गोठानों में मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाना है। शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी का कार्य किया जा रहा है। रायपुर जिले में आरंग विकासखंड के बडगांव और अभनपुर विकासखंड के ग्राम नवागांव गोठान में गौ-मूत्र खरीदी का कार्य आगामी 20 जुलाई से प्रारंभ किया जा रहा है।

जिले में संचालित सभी आगंनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में बच्चों नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश सी.एम.एच.ओ को दिए। इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल की उपलब्धता तथा विद्युत विभाग को बिजली की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या के अनुसार शिक्षकों की व्यवस्था की जाए। जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा है, ऐसे शिक्षकों को अन्य स्कूलों में व्यवस्थापित किया जा सकता है।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि पात्र हितग्राही शासकीय योजना से वंचित ना हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र लोगों को सरकारी योजना का लाभ समय सीमा में मिले और अपात्र लोगों को स्पष्ट रूप से सूचित करें, ताकि भ्रम की स्थिति ना रहे और लोग बेवजह परेशान ना हो। कलेक्टर ने जिले में पहले से चल रहे और स्वीकृत हो चुके विकास कार्यो को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिए। सरकार की सभी महत्वाकांक्षी और फ्लेगशिप योजनाओं को भी गंभीरता से बिना लापरवाही क्रियान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी अनुविभागीय-राजस्व अधिकारियों को पूरे खरीफ मौसम के दौरान बीज-खाद सहित खेती किसानी के लिए जरूरी आदान सामाग्रियों की उपलब्धता पर नजर रखने के निर्देश दिए। इसके साथ समय-समय पर कृषि अधिकारियों और सहकारी समिति प्रबंधकों की बैठक कर तहसीलवार लगातार समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।