Google ने विंडोज़, मैकोज़, लिनक्स और एंड्रॉइड के लिए क्रोम की नई रिलीज में कई गंभीर सुरक्षा कमियां (Security vulnerabilities) पाई हैं। Google के अनुसार, फिक्स में से एक जीरो-डे ( zero-day) के लिए था। Google ने खामियों के बारे में कुछ विवरणों को रोक दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यूजर इन खामियों को ठीक करने के लिए नए अपडेट लागू कर सकें। यह सुनिश्चित करने के लिए भी किया जा रहा है कि हैकर्स जीरो -डे की खामियों के बारे में जानकारी का दुरुपयोग कर शोषण कर सकें।

Google क्रोम वर्जन 103.0.5060.114 सभी चार पाई गई कमजोरियों को ठीक करता है और इसे अगले कुछ दिनों में शुरू किया जाएगा। आपका ब्राउज़र सुरक्षित है और इन कमजोरियों के लिए पैच किया गया है, आप जिस भी प्लेटफ़ॉर्म या OS पर इसका उपयोग कर रहे हैं, उस पर Chrome के लिए नए अपडेट देखें। आप हमेशा ब्राउज़र में क्रोम सेटिंग्स में जा सकते हैं और 'अबाउट क्रोम' की जांच कर सकते हैं। यदि कोई नया अपडेट आया है तो आप उसे इनस्टॉल कर सकते हैं। Google ने Android वर्जन 103.0.5060.71 के लिए क्रोम भी जारी किया जो तीन प्राइवेसी कमजोरियों को ठीक करता है, जिसमें CVE-2022-2294 और CVE-2022-2295 शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि एंड्रॉइड के लिए ब्राउजर का अपडेटेड वर्जन अगले कुछ दिनों में प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा।

सरकार ने भी क्रोम ब्राउज़र अपडेट को लेकर दी थी चेतावनी
इस साल फरवरी में, CERT-IN (कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) भारत सरकार की साइबर सुरक्षा शाखा ने जनता को चेतावनी दी थी कि क्रोम ओएस का हैकर्स द्वारा शोषण किया जा सकता है जो सुरक्षा कमजोरियों के कारण ब्राउज़र में मनमाने कोड को एक्टिव कर सकते हैं जिससे आपका डाटा उनके हाथ लग सकता है। CERT-IN ने यूजर को इससे बचने के लिए अपने ब्राउज़र को नए वर्जन में अपडेट करने को कहा था।