जयपुर
 प्रदेश में मनरेगा की तर्ज पर शहरी बेरोजगारों को साल में 100 दिन का रोजगार देने के लिए शुरू की इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना (आईआरजीवाई) 9 सितम्बर से शुरू होगी। स्वायत्त शासन विभाग ने आज आदेश जारी करते हुए प्रदेश की सभी नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका) के अधिकारियों को 30 सितम्बर तक छुट्टी न लेने और मुख्यालय पर ही रहने के निर्देश दिए है, ताकि इस योजना को इम्प्लीमेंट किया जा सके। निदेशक हृदेश कुमार की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक सभी नगरीय निकायों के अधिशाषी अधिकारी या कमिश्नर, एक्सईएन, एईएन और जेईएन बिना मुख्यालय को सूचना दिए छुट्टी पर नहीं जाएगा। इसके अलावा जिन्होंने पूर्व में छुट्टी ले रखी है उन सभी की छुट्टियां निरस्त की जाती है। इसके साथ ही अपने-अपने मुख्यालय पर सभी अधिकारी हमेशा रहेंगे। आदेशों की पालना नहीं करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

प्रदेशभर में 1.5 लाख लोगों ने करवाया रजिस्ट्रेशन

अब तक इस योजना में रोजगार पाने के लिए पूरे प्रदेश में 200 से ज्यादा नगरीय निकायों में करीब 1.5 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।काम शुरू होने से पहले 7-7 दिन का मस्टरोल बनाया जाएगा और 7-7 दिन के काम का वैरिफिकेशन होने के बाद ऑनलाइन वेतन ट्रांसफर किया जाएगा। इस योजना में 18 से 60 साल तक के लोगों को काम मिलेगा, जिसके लिए सरकार ने 800 करोड़ रूपए बजट प्रावधान रखा है। इस योजना में अगर एक परिवार के 4 लोगों का रजिस्ट्रेशन है तो उन चारों सदस्यों को कुल 100 दिन का ही रोजगार दिया जाएग। इसमें चाहे तो एक सदस्य 100 दिन का काम कर ले या चारों सदस्य 25-25 दिन काम कर ले। एक सदस्य को एक दिन की मजदूरी 259 रूपए दी जाएगी।

शहरी रोजगार योजना में कराए जाएंगे ये काम

  •     आवेदक जिस वार्ड या जोन क्षेत्र का है, उसे वहीं पर ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
  •     इस योजना में पब्लिक प्लेस पर पौधारोपण, गार्डन के रखरखाव, फुटपाथ, डिवाइडर व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे हुए पौधों को पानी देने का काम मिलेगा।
  •     तालाब, बावड़ी, जोहड़ आदि की मिट्टी निकालने, सफाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण एवं रखरखाव का काम शामिल है।
  •     इसके अलावा डम्पिंग साइट पर कचरे के सेग्रीगेशन, मोक्षधाम की सफाई, सामुदायिक शौचालय व मूत्रालय की सफाई, नाला-नालियों की सफाई का काम भी दिया जाएगा।
  • सड़क व सार्वजनिक स्थल पर झाडिय़ों व घास की सफाई, शहरों में लगे अवैध बोर्ड, होर्डिंग्स, बैनर आदि हटाने, सड़क डिवाइडर, रैलिंग, दीवार पर पुताई-पेंटिंग समेत अन्य कई तरह के काम करवाए जाएंगे।