उज्जैन
 विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में गुरुवार से श्रावण मास की शुरुआत होगी। इसके लिए बुधवार रात 3 बजे मंदिर के पट खुलेंगे तथा भस्म आरती होगी। गुरुवार सुबह 5 बजे से आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण-भादौ मास में प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे तथा शेष दिनों में रात 3 बजे भस्म आरती होगी। 14 जुलाई से 22 अगस्त तक गर्भगृह में दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भक्तों को गणेश मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।

कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया 14 जुलाई से 22 अगस्त तक श्रावण-भादौ मास में देश विदेश से प्रतिदिन हजारों भक्तों के भगवान महाकाल के दर्शन करने आने का अनुमान है। दर्शनार्थियों के सुगम व सुरक्षित दर्शन व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। चारधाम मंदिर के सामने से चार लेयर में बैरिकेडिंग की गई है। इसमें सामान्य, शीघ्र दर्शन तथा निर्गम की अलग-अलग कतार रहेगी। दर्शनार्थियों को बारिश से बचाने के लिए बैरिकेड्स में शेड लगाए गए हैं। चारधाम मंदिर के सामने जूता स्टैंड, टिकट व प्रसाद काउंटर, पेयजल आदि की सुविधा उपलब्ध रहेगी। कावड़ यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

श्रावण-भादौ मास में महाकाल की सवारी कब-कब

  • -18 जुलाई श्रावण मास की पहली सवारी
  • -25 जुलाई श्रावण मास की दूसरी सवारी
  • -01 अगस्त श्रावण मास की तीसरी सवारी
  • -08 अगस्त श्रावण मास की चौथी सवारी
  • -15 अगस्त भादौ मास की पहली सवारी
  • -22 अगस्त श्रावण-भादौ मास की शाही सवारी

 

श्रावण महोत्सव की सांस्कृतिक सांझ कब

 

  • -17 जुलाई श्रावण महोत्सव की शुभारंभ संध्या
  • -24 जुलाई श्रावण महोत्सव की दूसरी संध्या
  • -31 जुलाई श्रावण महोत्सव की तीसरी संध्या
  • -07 जुलाई श्रावण महोत्सव की चौथी संध्या
  • -14 जुलाई श्रावण महोत्सव की पांचवी सांझ
  • -21 जुलाई श्रावण महोत्सव की समापन संध्या