भोपाल
 प्रदेश कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने सरकार के द्वारा जारी  सर्कुलर जिसमें कोरोना का तीसरा प्रिकॉशनरी डोज पैसे देकर लगवाने का आदेश जारी किया गया है, पर तंज कसते हुए पूछा है कि मुफ्त टीका लगाने का दावा करने वाली सरकार का क्या अब दम फूल गया है? जो तीसरा टीका केवल निजी अस्पतालों में और वह भी पैसे देकर लगाए जाने का आदेश जारी किया है ।

गुप्ता ने यह भी पूछा कि सरकार बताये कि पैसा देकर टीका लगवाने के लिए अब किस को धन्यवाद बोलना होगा। देश में विगत 70 साल में जितनी भी बीमारियों के टीके जनता को और बच्चों को लगाए गए हैं वे हमेशा मुफ्त में ही लगाए गए हैं । हमेशा अभियान चलाकर लगाए गए हैं। किंतु पहली बार देश में टीका लगाने से बड़ा अभियान सरकार को थैंक यू बोलने के लिए चलाया गया था।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी यह सूचना इस बात  की घोषणा है कि सरकार अब मुफ्त टीका लगाने की स्थिति में नहीं है।इसलिये कोरोना से बचाव के.लिये जनता को निजी अस्पतालों के लूट बाजार में छोड़ दिया है।जहां उसे यह टीका लगवाने के लिये लगभग 7 सौ रुपये खर्च करना पड़ेंगे।गुप्ता ने कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि किस तरह निजी अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड को लूट का साधन बनाया।किस तरह एक एक कमरे के अस्पताल कुकरमुत्ते की तरह ऊगे और बंद हुये।जन स्वास्थ्य की जिम्मेवारी से हाथ झाड़ने वाली इस सरकार का यह कदम दायित्वहीनता है।

गुप्ता ने मांग की कि सरकार मुफ्त प्रिकाशनरी डोज लगाने की जिम्मेदारी निभाये,क्या कर्ज के 10 हजार करोड़ में से पांच-दस करोड़ टीके पर खर्च नहीं किये जा सकते?