नई दिल्ली।
 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट चुकी है। गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महासचिवों के साथ पार्टी मुख्यालय में बैठक की। इस बैठक में बूथों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रिय किया गया। आपको बता दें कि इसी साल मई महीने में भाजपा ने पार्टी के लिए 78,000 कमजोर बूथों की पहचान की थी। साथ ही फैसला किया था कि इनमें से प्रत्येक बूथ पर कम से कम 30 नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ा जाएगा।

केंद्रीय मंत्रियों के एक दल के साथ-साथ लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को भी इस काम पर लगाया गया है। सांसदों को 100-100 बूथ दिए गए हैं। केंद्रीय मंत्रियों के हिस्से में राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है।

आपको बता दें कि भाजपा के इस कार्यक्रम का पहला चरण 31 अगस्त को समाप्त हुआ। इस दौरान पार्टी ने इनमें से प्रत्येक बूथ से पिछले तीन चुनावों के वोटिंग पैटर्न और वहां भाजपा के वोट शेयर को इकट्ठा किया है। साथ ही इसकी एक रिपोर्ट तैयार की गई है। इससे भाजपा को इस बात का स्पष्ट अंदाजा हो गया है कि किस बूथ पर कौन उसके मतदाता थे और किन लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना है।

सांसदों द्वारा तैनात किए गए स्वयंसेवकों के एक समूह ने सभी बूथों का दौरा किया और मतदाताओं से बातचीत की। उसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट 'सरल' नामक एक विशेष सॉफ्टवेयर पर अपलोड की। दस्तावेजों को अपलोड करने से पहले उन्हें क्षेत्र के प्रभारी सांसद के मोबाइल फोन पर भेजे गए वन-टाइम पासवर्ड भी डलना पड़ता है। इसके बाद यह डेटा राज्य से केंद्र स्तर तक डिजिटल तरीके से अपडेट हो जाता है।