भोपाल
मध्यप्रदेश में मौसम विभाग ने अगले 10 दिन तक बारिश का 'हैवी' अलर्ट जारी किया है। दो सिस्टम एक्टिव होने से पूरा प्रदेश तरबतर हो जाएगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम (होशंगाबाद) संभाग में शुक्रवार को भी भारी बारिश के आसार हैं। भोपाल-उज्जैन में 4 इंच या इससे ज्यादा पानी गिर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 11 से 17 जुलाई तक प्रदेश में इस सीजन की सबसे तेज बारिश होने के आसार हैं।

भोपाल-उज्जैन संभाग में खूब बारिश होगी

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि मानसून का निम्न दाब क्षेत्र पाकिस्तान के दक्षिणी हिस्से में जाकर और मजबूत हो गया है। इसकी वजह से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में 9 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी। उज्जैन और भोपाल संभाग में अति भारी बारिश हो सकती है। उड़ीसा के ऊपर चक्रवाती घेरा बनने से 10 जुलाई से भी असर देखने को मिलेगा। इससे पूर्वी मध्यप्रदेश यानी जबलपुर, शहडोल, भोपाल और नर्मदापुरम में भारी बारिश का दौर शुरू होगा, जो 17 जुलाई तक चलेगा।

मौसम विभाग ने एडवायजरी जारी की
भारी बारिश को देखते हुए मौसम केंद्र भोपाल ने लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है। भारी बारिश से निचले हिस्सों में जलभराव हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतने को कहा गया है।

वहीं, मौसम विभाग ने आज भी पूरे प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल में सुबह से घनघोर बादल है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में आज भी भीषण बारिश होगी। पूरे प्रदेश में बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हुई है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र नायक ने बताया कि वर्तमान में दक्षिणी पाकिस्तान के आसपास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैले संयुग्मित चक्रवातीय परिसंचरण के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुकते हुए सक्रिय है। इसकी वजह से मानसून ट्रफ अहमदाबाद, गुना, जबलपुर, पेन्ड्रा रोड और झारसुगड़ा-गोपालपुर से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। वहीं, पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में ओडिशा-आंध्र प्रदेश के तट के पास चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है।

उन्होंने कहा कि दक्षिणी महाराष्ट्र से उत्तरी केरल तट के समांतर अपतटीय ट्रफ विस्तृत है। साथ ही 19 डिग्री उत्तर अक्षांश के सहारे पठारी क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर विरूपक हवाएं सक्रिय हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और इंदौर संभाग सहित कई जिलों में बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट है। वहीं, बिजली गिरने से छत्रपुर, श्योपुर, ग्वालियर और भिंड में 11 लोगों की मौत हुई है।

वहीं, बारिश की वजह से राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। भोपाल में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।