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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के निर्वाचन को लेकर सरगर्मियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। अध्यक्ष पद के दावेदारों द्वारा ज्यादा से ज्यादा सदस्यों का समर्थन हासिल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं भाजपा के बड़े नेता जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन में क्रास वोटिंग को रोकने के लिए पूरी रणनीति के तहत काम कर रहे हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक भाजपा खेमे के 6 जिला पंचायत सदस्य भोपाल पहुंच चुके हैं। इन्हे भाजपा की निगरानी में होटल में ठहराया गया है।

भाजपा समर्थित निर्वाचित सदस्यों में वार्ड क्रमांक 4 खड्डी से प्रदीप शुक्ला, वार्ड क्रमांक 5 मवई से मनोज सिंह,वार्ड क्रमांक 6 सेमरिया से सरस्वती बहेलिया, वार्ड क्रमांक 9 गांधीग्राम से पूजा सिंह कुशराम, वार्ड क्रमांक 10 ताला से सुमन कोल, वार्ड क्रमांक 11 खडौरा से कृष्णलाल पयासी, वार्ड क्रमांक 13 कुसमी से हीराबाई सिंह शामिल हैं। भोपाल में भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा अपने खेमे से जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के साथ-साथ ये मंथन किया जा रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन में क्रास वोटिंग न हो सके। इसके लिए सभी संभावित पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि भाजपा के बड़े नेता इस बात पर पूरी तरह से नजर रखे हुए हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस की ओर से कितनी दावेदारी है। भाजपा के नव निर्वाचित सदस्यों को भोपाल ले जाने के पीछे भी मुख्य मंशा यही है कि वोटों का विभाजन निर्वाचन के दौरान न हो सके। भाजपा द्वारा इस विकल्प पर विचार किया जा रहा है कि भाजपा की ओर से किस तरह से अध्यक्ष पद को लेकर दावेदारी रखी जाय।

2 वार्डों का मामला अभी भी हाईकोर्ट में
बताते चलें कि जिला पंचायत के 17 में से 15 सदस्यों के निर्वाचन की स्थिति स्पष्ट है। वहीं वार्ड क्रमांक 14 एवं वार्ड क्रमांक 17 कुबरी के निर्वाचन को लेकर मामला हाईकोर्ट में लंबित है। जिस पर 25 जुलाई को सुनवाई होनी है। इसके बाद ही उक्त दोनों वार्डों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पूर्व की मतगणना के अनुसार ये दोनों वार्ड कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों का माना जा रहा था किन्तु मतगणना एवं मतदान को लेकर फंसे पेंच के चलते यहां की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इसी के चलते भाजपा खेमा सभी पहलुओं पर काफी बारीकी के साथ नजर रखे हुए हैं। जिससे जिला पंचायत में उसकी स्थिति मजबूत हो सके। जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्यों में 3 सदस्यों की संबद्धता पूर्व में किसी दल से नहीं थी, यह अवश्य है कि भाजपा एवं कांग्रेस की ओर से इन्हे अपने पाले में लाने की कोशिशें आरंभ से ही बनी हुई हैं।

यदि यही 3 सदस्यों का समर्थन भाजपा को मिल जाता है तो उनकी दावेदारी भी मजबूत हो सकती है। उधर कांग्रेस की ओर से भी अध्यक्ष अपने समर्थित सदस्य को बनाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से इसके लिए समय रहते प्रयास भी शुरू कर दिए गए थे किन्तु वार्ड क्रमांक 14 अमिलिया एवं वार्ड क्रमांक 17 कुबरी के निर्वाचन में पेंच फंसने के चलते कांग्रेस की ओर से सुस्ती देखी जा रही है। यदि समय रहते कांग्रेस की ओर से प्रयास गंभीरता के साथ नहीं किए जाते तो भाजपा की सुव्यवस्थित बनाई जा रही कार्ययोजना के चलते जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट भी खिसक सकती है। भाजपा द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य को लेकर काफी गंभीरता से प्रयास शुरू किए गए हैं। मालुम रहे कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन 29 जुलाई को होना है।