गुरु पूर्णिमा महोत्सव बुधवार को मनाया जाएगा। इसके लिए शहर के मंदिर, मठ और आश्रमों में तैयारी की जा रही है। भगवान के पूजन और गुरुजन से आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। इसके अलावा आध्यात्मिक गुरुओं के आश्रमों पर भी गुरु पूर्णिमा की तैयारी की जा रही है। बुधादित्य योग में मनेगी: गुरु पूर्णिमा के दिन ही व्यास पूजा, कोकिला व्रत, श्री सत्यनारायण व्रत, श्री शिव शयनोत्सव के साथ-साथ चातुर्मास व्रत नियम का प्रारंभ हो जाएगा। पूवार्षाढ़ नक्षत्र धनु राशि में स्थित चंद्र से केंद्र में बलवान बृहस्पति गजकेसरी योग बना रहे हैं तथा इसके साथ-साथ ग्रह मंडल में बुधादित्य योग भी बन रहा है। आकाश मंडल में मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि इन पांच ग्रहों के अपनी-अपनी स्वराशि में भ्रमण करने के कारण आकाश मंडल में पूर्ण पंच महापुरुष योग की निष्पत्ति भी हो रही है। पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 13 जुलाई बुधवार को सूर्योदय से पहले सुबह 4 बजे हो जाएगा और यह तिथि रात्रि 12:07 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा तिथि बुधवार को पूरे दिन रहेगी।

 संस्कृति विभाग की ओर से प्रदेशभर में तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रख्यात गायक और वादक शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम किए जाएंगे। शुुरुआत 13 जुलाई से हो जाएगी। ग्वालियर में माधव संगीत महाविद्यालय और ललित कला संस्थान में 13 जुलाई को कार्यक्रम किए जाएंगे। सुबह 11 बजे से पहले सत्र में दिल्ली की शशिप्रभा तिवारी मुख्य वक्ता होंगी। शाम 7 बजे से दूसरे सत्र में भोपाल के प्रदीप कृष्णन ग्रुप का भरतनाट्यम, सलीम अल्लाह वाले ग्रुप का गायन और आबिद हुसैन का सारंगी वादन होगा।