भोपाल
प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में स्थायी बाजार, दुकान और शोरुम, माल्स बढ़ने के बाद भी बाजार फीस की वसूली नहीं हो रही है। इसपर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सभी पंचायतों में बाजार फीस वसूली के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। ग्राम पंचायतों में बढ़ती कॉलोनियों तथा बाजारों के चलते वहां बाजार, मॉल, शोरुम आदि प्रतिष्ठानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रमुख सचिव ने जब ग्रामीण अंचलों की आय की समीक्षा की तो यह तथ्य सामने आया है कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों के द्वारा अनिवार्य श्रेणी में शामिल होने के बाद भी  बाजार फीस का निर्धारण और संकलन नहीं किया जा रहा यह प्रवृत्ति ठीक नहीं है।  

प्रमुख सचिव ने अभियान चलाकर सघन सर्वे कर सभी ग्राम पंचायतों में लगने वाले साम्पिहिक बाजारों और उनमें स्थायी बाजार, दुकान, शोरुम, माल्स की जानकारी एकत्रित करने को कहा है। पंचायत दर्पण पर इनके जियो टैग, फोटोग्राफ्स भी अनिवार्य रुप से लगाए जाए औश्र 31 जुलाई तक यह काम अनिवार्यत: पूरा कर लिया जाए।  इसके बाद सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रुप से बाजार फीस निर्धारित कर मांगपत्र संबंधितों को जारी किया जाए और वसूली नियमित रुप से करने पर ध्यान दिया जाए।

सार्वजनिक नीलामी को सार्वजनिक करे
जहां ग्राम पंचायतों में हाट बाजारों से फीस की वसूली हेतु सार्वजनिक नीलामी की जाती हो तो इस प्रक्रिया की सूचना और कार्यवाही विवरण को पंचायत दर्पण पोर्टल पर अनिवार्यत: अपलोड किया जाए। बाजार फीस से होंने वाली आय को उसके पूरे विवरण सहित पंचायत दर्पण पोर्टल पर  दर्ज किया जाए।

 बाजार फीस कैशलेस वसूली बढ़ाए
बाजार फीस कैशलेस रुप से प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा उनके एकल खाता बैंको के साथ समन्वय कर यूपीआई, क्यूआर कोड तथा पीओएस मशीन का अधिकाधिक उपयोग किया जाए।  फीस और करों के निर्धारण एवं संकलन हेतु पंचायत समन्वय अधिकारी को उसके क्षेत्र के लिए तथा खंड पंचायत अधिकारी को संबंधित जनपद पंचायत क्षेत्र के लिएउत्तरदायित्व सौपा जाए।

जहां फीस कम हो वहां बढ़ाए
प्रदेश के बड़े नगरों के निकट स्थित ग्राम पंचायतों मेंंं संचालित शोरुम, हाट बाजारों के विस्तार के बाद भी बाजार फीस संकलन काफी कम है । इसलिए ऐसी ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर बाजार फीस का निर्धारण एवं संकलन के वार्षिक लक्ष्य निर्धारित कर लक्ष्य प्राप्ति की समीक्षा की जाए।

ग्रेडिंग कर बढ़ाएं प्रतिस्पर्धा
जिला एवं जनपद पंचायत स्तर पर सर्वाधिक बाजार फीस तथा अन्य कर लगाने और वसूली के आधार पर ग्राम पंचायत की ग्रेडिंग कर प्रसारित की जाए ताकि प्रतिस्पर्धा उत्पन्न हो और ग्रेडिग में पिछड़ रही पंचायतें भी प्रयास करे। माह विशेष के लिए यह ग्रेडिंग पंचायत दर्पण पोर्टल् के माध्यम से भी उपलब्ध कराए।