नूरपुर
राज्य सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। किसान भी इन योजनाओं का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। जिससे किसानों को आर्थिक लाभ भी हो रहा है। इसी कड़ी में उपमंडल नूरपुर के गांव थोहड़ा में किसानों के लिए कृषि विभाग ने टैंक का निर्माण करवाया है। भू-संरक्षण विभाग जाच्छ की ओर से "कृषि को बल योजना" के तहत निर्मित जल संग्रहण टैंक कृषक समूह थोहड़ा के लिए संजीवनी बूटी साबित हो रहा है।

विकास खंड नूरपुर की ग्राम पंचायत थोहड़ा गांव में कृषि विकास संघ के प्रधान होशियार सिह किसानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन कर उभरे हैं। होशियार सिह ने बताया की हमारी कमेटी के किसान जो पहले सिंचाई सुविधा न होने के कारण मुख्यत: खाद्यान्न फसलों जैसे गेहूं, मक्की जौ आदि का ही उत्पादन करते थे। लेकिन अब सिंचाई सुविधा मिलने से नकदी फसलें टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रासबीन, बैंगन आदि पैदा करके हजारों रुपये की कमाई कर रहे हैं।

क्या कहता है विभाग
भू-संरक्षण अधिकारी जाच्छ डा शैलेश सूद ने बताया कि थोहड़ा गांव के किसानों के आग्रह पर वर्ष 2021 में मौके पर जाकर गांव के निकट नाले में कृषि उठाऊ सिंचाई योजना व जल से कृषि को बल योजना के अंतर्गत नाले से खेतों के पास तक पाइपों से पानी ले जाकर टैंक निर्माण करने की योजना बनाई। इसका निर्माण किसान विकास संघ थोहड़ा के माध्यम से किया गया। उन्होंने बताया कि लगभग 3 लाख रुपये की लागत से बनी यह योजना वर्ष 2021 में संचालित हो गई थी। टैंक की कुल जल भंडारण क्षमता 65 हजार लीटर है। जिससे अब लगभग तीन से चार हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया रहा है।

टपक सिंचाई योजना का जिक्र करते हुए डा शैलेश सूद ने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। इस योजना का मकसद कम से कम पानी में अधिक से अधिक उत्पादन करना है। इस प्रणाली से 70 प्रतिशत जल की बचत होती है। साथ ही पौधों को भी जरूरत के हिसाब से पानी मिलता है। इस विधि में रासायनिक उर्वरकों को घोल के रूप में जल के साथ फसल को प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत ड्रिप व स्प्रींकल पर 80 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है जिसका नूरपुर व इंदौरा के किसानों को लाभ उठाना चाहिए ।