भोपाल

प्रदेश के सरकारी कॉलेजों के भवनों की तस्वीर बदलने वाली है। उच्च शिक्षा विभाग हर कॉलेज भवन के रखरखाव और मरम्मत पर पांच लाख रुपए खर्च करेगा। इसके लिए उच्च शिक्षा आयुक्त ने सभी प्राचार्यो से प्रस्ताव मांगे है

प्रदेश में अधिकांश सरकारी कॉलेजोें के पास अपने स्वयं के भवन है लेकिन रखरखाव और मरम्मत के अभाव में कई कालेज भवन क्षतिग्रस्त हो रहे है। कई कक्षों में बारिश का पानी छतों से टपक रहा है। कई जगह दीवारों में दरार आ गई है।  कई कालेजों के आसपास बारिश का पानी भरा रहा है। कई जगह प्लास्टर उधड़ रहा है और रंगाई-पुताई भी नहीं हो पाई है। बिजली के उपकरण और वायरिंग भी कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। आयुक्त उच्च शिक्षा ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यो को कहा है कि वे कॉलेज भवन की मरम्मत और रखरखाव के लिए पांच लाख रुपए तक के प्रस्ताव तैयार कर तत्काल इस कार्यालय को भेंजें। यदि पांच लाख रुपए से अधिक के प्रस्ताव हो तो उनकी डीपीआर निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग से प्राक्कलन और तकनीकी स्वीकृति सहित दो प्रतियों में प्रस्ताव प्राथमिकता केआधार पर  उनके पास भिजवाना सुनिश्चित करें ताकि आगामी कार्यवाही की जा सके।

यह होगा फायदा-
प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की मरम्मत और संधारण कार्य पूरा होंने से यहां आने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और क्षतिग्रस्त भवनों को किसी बड़ी संभावित दुर्घटना से बचाया जा सकेगा। समय पर मरम्मत होंने से इन पर कोई बड़ा खर्च करने की जरुरत नहीं आएगी।