भोपाल
प्रदेश के ट्रांसजेंडरों के कल्याण के लिए राज्य सरकार राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कल्याण बोर्ड का गठन करेगी। इनको रहने के लिस किफायती आवास, शिक्षा प्रदान करने छात्रवृत्ति से लेकर  वृद्ध ट्रांसजेंडरों को पेंशन, बहिष्कृत ट्रांसजेंडरों को वृद्धाश्रम, विश्राम गृह और जीवन बीमा तथा शून्य ब्याज पर कर्ज की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।

सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने  ट्रांसजेंडरों के अधिकारों के संरक्ष्ज्ञण अधिनियम के लिए नये नियम लागू कर दिए है। इनमें उन्हें पहचान प्रमाणपत्र जारी किए जाने से लेकर अन्य सुविधाओं और योजनाओं का लाभ देने के प्रावधान किए गए है। ट्रांसजेंडरों के लिए बनाई गई योजनाओं तथा कल्याण संबंधी उपायों के प्रयोजन के लिए एक राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड और जिला स्तर पर भी कल्याण बोर्ड बनाए जाएंगे।  

राज्य स्तर के बोर्ड में सामाजिक न्याय मंत्री अध्यक्ष और सामाजिक न्याय से लेकर अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव प्रमुख सचिव , ट्रांसजेंडर समुदाय के पांच प्रतिनिधि, समाजसेवी, आयुक्त, महिला आयोग और मानव अधिकार आयोग के सदस्य शामिल किए गए है। जिले में कलेक्टर अध्यक्ष होंगे और एसपी, सीईओ जिला पंचायत, सीएमएचओ, डीईओ , आयुक्त ननि बैंक, उद्योग केन्द्र के सदस्य बनाए गए है। इस बोर्ड की साल में चार बार बैठक होगी जिसमें इस वर्ग के कल्याण के निर्णय लिए जाएंगे। इनसे जुड़ी शिकायतों की सुनवाई और निराकरण किया जाएगा।

ये सुविधाएं देने की तैयारी
ट्रांसजेंडरों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति,  स्कूलों में समान गुणवत्तापूर्ण शिक्ष, रैगिंग से संरक्षण, आवासीय सरकारी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों में ट्रांसजेंडर, नान कॉनफारमिंग और इंटर सेक्स बच्चों के लिए आवास और शिक्ष सुविधा दी जाएगी। किफायती आवास, संकटग्रस्त ट्रांसजेंडर युवा के लिए आश्रय और सामुदायिक केन्द्र जो पौष्टिक भोजन और परामर्श उपलब्ध कराते हो। सुरक्षित स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत  ट्रांसजेंडर समतुदाय को राज्य में एक अलग शासकीय चिकित्सालय, उपचार, परामर्श की सुविधाा, चिकित्सा बीमा, आरोग्यश्री कार्ड,  सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अलग से वार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य सुरक्ष योजनाओं और राशन कार्ड की सुविध, वृद्ध और अमजोर ट्रांसजेंडर को पेंशन, घर से बहिष्कृत  ट्रांसजेंडर को वृद्धश्रम और विश्राम गृह, उत्पीड़न मुक्त स्थल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा दी जाएगी। जीवन बीमा कवरेज, कर्ज सुविपधा सहित बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, शून्य ब्याज और अन्य वित्तीय योजनाओं का लाभ, आजीविका कार्यकलापों के लिए स्व सहायता समूहों का गठन, मनरेजा जैसी रोजगार गारंटी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में ट्रांसजेंडर का स्पष्ट समावेश किया जाएगा।