भोपाल
भूजल संकट से जूझते बुंदेलखंड अंचल का राज्य सरकार वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करेगी। यहां जलस्रोतों का  जियो रेफरेंसिंग और जियो टेगिंग भी कराया जाएगा। योजना और सांख्यिकी विभाग अटल भूजल परियोजना के अंतर्गत यह काम कराएगा। बुंदेलखंड के  भूजल संकट से प्रभावित सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के नौ विकासखंडों सागर, पथरिया, छतरपुर, नौगांव, राजनगर, बल्देवगढ़, पलेरा, अजयगढ़ और निवाड़ी की 667 ग्राम पंचायतों में उपलब्ध जल स्रोतों और उनसे लगे हुए क्षेत्रों में उपलब्ध जलीय संरचनाओं, परिसम्पत्तियों जैसे चैक डेम, तालाब, बंधान, ट्यूबवेल, कुए और अन्य जलस्रोतों का जियो रेफरेंसिंग और जियो टेगिंग कार्य सामाजिक सहभागिता से करते हुए वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें अटल भूजल योजना के अंतर्गत डिस्ट्रिक इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर के रूप में जन अभियान परिषद की सहभागिता से काम किए जाएंगे।

यह होगा फायदा-
बुंदेलखंड के जिन क्षेत्रों में पानी उपलब्ध है वहां से आसपास के ऐसे क्षेत्रों में भी जलापूर्ति की जाएगी जहां पानी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा उपलब्ध जलस्रोतों का गहरीकरण, संरक्षण और जीर्णोद्धार जैसे काम भी किए जाएंगे। इससे इन जलस्रोतो का संपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र में सभी जगह पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यह योजना मार्च 2024 तक पूरी की जाएगी।