भोपाल
राजधानी भोपाल के करोंद स्थित 3M नर्सिंग कॉलेज के छात्र अपने फ्यूचर को लेकर परेशान हैं। शुक्रवार और शनिवार को छात्रों ने कॉलेज में प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें एजेंट्स और कोचिंग सेंटर्स के टीचर्स ने इस कॉलेज में नर्सिंग में एडमिशन दिलाया था। हमें बताया गया कि यह बड़ा कॉलेज है यहां लैब, लायब्रेरी, क्लीनिकल सहित सभी सुविधाएं फ्री मिलेंगी। कोराेना के कारण हमारी ऑनलाइन क्लास चलती रही लेकिन जब हम लोग कॉलेज पहुंचे तो पता देखा कि एक हॉल में फर्स्ट ईयर के छह सौ स्टूडेंट्स को दो शिफ्ट में बिठाया जा रहा है। कॉलेज में न तो लैब है न लायब्रेरी। पढ़ाई के लिए आने वाले टीचर सिर्फ लेक्चर देकर चले जाते हैं छह महीने बीतने के बावजूद एक भी सेशनल एग्जाम नहीं हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें एडमिशन किसी और कॉलेज में दिया गया। पढ़ाई के लिए कहीं और जाना पड़ता है। और फीस किसी दूसरे कॉलेज के नाम से ली जा रही है। हमारा भविष्य खतरे में पड़ गया है।

3एम नर्सिंग कॉलेज की छात्रा खुश्बू बघेल ने वीडियो मैसेज के जरिए बताया कि हमारे एक परिचित के टीचर ने हमारा इस कॉलेज में एडमिशन कराया था हमें बताया गया था कि कॉलेज की तरफ से बस, लैब, लायब्रेरी और क्लीनिकल की सुविधा फ्री मिलेगी। हमें बताया गया था कि बड़ा कॉलेज है जब में कॉलेज गई तो देखा कि इसमें दो ही क्लास हैं। मेरी फर्स्ट ईयर की क्लास में 600 बच्चे हैं हमारी दो शिफ्ट में क्लास लगतीं हैं। यहां न लैब है न प्रेक्टिकल होते हैं मेरे फर्स्ट ईयर के छह महीने निकलने के बाद भी कोई भी सेशनल एग्जाम नहीं हुए। हमें टीचर क्लास में पढ़ाई कराने के बजाए लेक्चर देते रहते हैं। फ्री बस की सुविधा के बजाए पैसा लेते हैं। हम कहते हैं कि बस फ्री है तो कहते हैं आना हो ताे आओ पैसे देने पड़ेंगे। एक दिन जब हमारी सीनियर अपनी परेशानी लेकर प्रिंसिपल के पास गई तो उन्होंने उस स्टूडेंट को थप्पड़ मार दिया था। जिस काॅलेज में पढ़ाई नहीं हो रही और कोई सुविधा नहीं है ऐसे कॉलेज में हमारा फ्यूचर क्या होगा। हमने कॉलेज में 40 हजार रूपए जमा कर रखे हैं। जब में उनसे एडमिशन कैंसिल कर ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स वापस करने का बोला तो हमारे डॉक्यूमेंट्स नहीं मिले। मेेरी दसवीं की मार्कशीट कहीं और मिली और 12वीं की कहीं और। फीस वापस करने के लिए मैनेजमेंट ने मना कर दिया कहते हैं कि फीस वापस नहीं होगी। जो चाहो कर लो।

एडमिशन एक कॉलेज में लिया तीन कॉलेजों में जमा हो रही फीस

नर्सिंग स्टूडेंट अश्विन सिंह ने बताया कि 3एम कॉलेज में 2020-21 में मैने जेएसआर कॉलेज मे एडमिशन लिया था लेकिन मुझे 3एम कॉलेज में डाला गया। मेरे पास तीन कॉलेजों JSR, 3M और पाराशर नर्सिंग कॉलेज में जमा की गई फीस की स्लिप हैं। मेरा तीनों में से किस कॉलेज में एडमिशन है ये मुझे आज तक समझ नहीं आया। जब में बुक मांगने गया तो मेरे प्रिंसिपल सर ने मुझे गालियां दीं। नर्सिंग कॉलेज में कोई सुविधा नहीं हैं। मेरे ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स उन्होंने गुमा दिए। चार महीने से में अपनी फीस और मूल दस्तावेज के लिए भटक रहा हूं।

कॉलेज के डायरेक्टर बोले कुछ दलाल हमें बदनाम कर रहे

3M नर्सिग कॉलेज के डायरेक्टर सुधीर सिंह का कहना है कि भोपाल में हमारे कई कॉलेज हैं। अलग-अलग कॉलेजों में स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। अभी कुछ छात्र बीच सत्र में एडमिशन कैंसिल कराकर दूसरे कॉलेजों में जाना चाहते हैं। कुछ दलाल इसके पीछे सक्रिय हैं जो ये सब करा रहे हैं। हमने सभी नियमों के मुताबिक नर्सिंग काउंसिल से मान्यता ली है। थोड़ी-बहुत कुछ कमियां हैं उन्हें सुधार रहे हैं।

नर्सिंग काउंसिल के अफसरों की भूमिका संदिग्ध

छात्रों का आरोप है कि इस मामले में नर्सिंग कॉलेज के अधिकारियों ने कागजी इंस्पेक्शन कर मान्यता दी है। हमने कई बार शिकायत की लेकिन नर्सिंग काउंसिल के अधिकारी सुन नहीं रहे हैं। नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार सुनीता सिजू को फाेन लगाने पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।