पणजी
पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत (Digambar Kamat), विपक्ष के नेता माइकल लोबो (Michael Lobo) और अन्य कांग्रेस विधायकों ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ जल्द ही भगवा पार्टी में शामिल होने के लिए समझौता किया है। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी। एक कांग्रेस विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि 'हम कभी भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं और हम भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान का इंतजार कर रहे हैं। किसी विशेष पद या कैबिनेट बर्थ के लिए कोई वादा नहीं किया गया है'। उधर कुछ खबरों में बताया जा रहा क‍ि कांग्रेस को कोलकाता में भी बड़ा झटका लग सकता है। सूत्रों के अनुसार पार्टी के 3 मौजूदा और 3 पूर्व सांसद टीएमसी के संपर्क हैं।

हालांकि कामत और लोबो दोनों ने इस बात से इनकार किया कि वे भाजपा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, लेकिन सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को भाजपा में लेने का फैसला पार्टी आलाकमान ने किया है। सूत्रों ने कहा कि अयोग्यता से बचने के लिए सामूहिक रूप से भाजपा में जाने का फैसला किया गया है। दरअसल गोवा के 40 सदस्यीय सदन में, कांग्रेस के पास 11 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 20 और एमजीपी के 2 सदस्य और तीन निर्दलीय हैं।

ध्‍यान में 2024 लोकसभा चुनाव
सूत्रों ने कहा कि भाजपा की राज्य इकाई कांग्रेस के विधायकों को पार्टी में शामिल करने को लेकर बहुत इच्छुक नहीं है। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऐसा माना जा रहा है क्योंकि यहां भाजपा 2019 में दक्षिण गोवा सीट कांग्रेस से हार गई थी। हालांकि बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए उत्सुक था ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि सीट जीतने में कोई बाधा न आए। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सदानंद शेत तनावडे ने टीओआई को बताया कि मुझे केंद्रीय नेतृत्व से इस बात को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिला है।

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं। जुलाई 2019 में तत्कालीन विपक्ष के नेता चंद्रकांत 'बाबू' कावलेकर कांग्रेस के नौ विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। दरअसल 2022 के चुनावों से पहले, कांग्रेस ने अपने विधायकों को चर्च और मंदिर दोनों के सामने शपथ दिलाई थी कि वे पार्टी को नहीं छोड़ेंगे और चुने जाने के बाद भाजपा में नहीं जाएंगे।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के भाजपा में शामिल होने का निर्णय गोवा में पार्टी के लिए एक बड़ा झटका होगा क्योंकि यह दूसरी बार होगा जब विधायकों का इतना बड़ा हिस्सा भगवा पार्टी की ओर जाएगा। इससे पहले दिन में, अटकलें लगाई जा रही थीं कि कांग्रेस एक और विभाजन देख सकती है,

होटल में भिड़े कांग्रेसी?
कांग्रेस विधायक एकजुट मोर्चा बनाने के प्रयास में शनिवार को शहर के एक होटल में आपस में भिड़ गए। पार्टी के गोवा डेस्क प्रभारी दिनेश गुंडू राव यहां पहुंचे थे। राव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर ने कहा कि कामत आध्यात्मिक आशीर्वाद लेने के लिए कानाकोना के एक मठ में गए थे।

कांग्रेस ने कहा कि राव के साथ बैठक फ्लोर प्रबंधन रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए बुलाई गई थी, क्योंकि मानसून सत्र की अवधि कम कर दी गई थी और कई विधायक पहली बार विधायक बने हैं। राव ने कहा कि गोवा हमेशा अटकलों से भरा रहता है। हमें विपक्ष के रूप में प्रभावी ढंग से काम करना है और उसके लिए हम चर्चा करने जा रहे हैं। हमें लोगों का प्रतिनिधित्व करना है और लोगों का पैसा देखना है। ये अफवाहें विधानसभा के नतीजे आने के बाद से हैं। वहीं लोबो ने कहा कि कांग्रेस विधायक एकजुट हैं।