कोरबा

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ( एसईसीएल) की दीपका कोयला खदान में 16 करोड़ की एक ड्रिल मशीन में अचानक आग लग गई। 16 करोड़ की इस मशीन का उपयोग खदान में ब्लास्टिंग से पहले ड्रिल करने के लिए किया जा रहा था। आग लगने की जानकारी मिलने पर प्रबंधन ने आग बुझाने का प्रयास किया पर मशीन का काफी हिस्सा जल गया। आयल लीक होने के बाद भी मशीन से काम लेने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारों का कहना है कि मशीन का एयर कंप्रेसर लीक था ड्रिल मशीन के आपरेटर ने इसकी जानकारी जवाबदार अधिकारियों को दी थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और रखरखाव टीम ने दो दिन पहले फिल्टर बदलने के बाद पुन: मशीन को काम में लगा दिया। बताया जा रहा है कि आयल लीक होता रहा और इस दौरान मशीन का उपयोग किए जाने की वजह से मशीन के गर्म हिस्से में आग पहुंचा और आग लग गई। दमकल की टीम को मशीन में लगी आग पर काबू पानी काफी मशक्कत करनी पड़ी। यह बताना होगा कि इससे पहले भी कोयला खदानों में रखरखाव में लापरवाही बरते जाने की वजह से मशीनों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना की विभागीय जांच कराई जाएगी। रजगामार खदान के बंकर का बकेट टूटने से एक कर्मचारी की मौत की जांच भी चल ही है। इस बीच यह एक और हादसा हो गया है। डीएमएस बिलासपुर की टीम इस मामले की जांच करेगी।