मुंबई
 महाराष्ट्र में देर रात जैसे ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस्तीफे की खबर आई, भाजपाई खेमे में जश्न मनना शुरू हो गया। उद्धव के अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के गिरने की बातें होने लगीं। भाजपा आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा कि, उद्धव अपने पिता बाला साहेब ठाकरे के नक्शेकदम पर नहीं चले, इसलिए आज उनकी ऐसी दुर्दशा हुई है। अमित मालवीय के मुताबिक, महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी गठबंधन सरकार का पतन वास्तव में वास्तुकार शरद पवार के लिए एक बड़ा नुकसान है।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने ट्वीट किया, "महा विकास अघाड़ी सरकार (एमवीए), जो कि एनसीपी गठबंधन से चल रही थी, उसमें ये सभी दल सिर्फ भाजपा को रोकने के लिए थे। फिर भी एमवीए ध्वस्त हो गया।" बकौल मालवीय वे तो शरद पवार को 'बारामती से चाणक्य' कहेंगे। क्योंकि, शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने भी "उनकी नाक के नीचे" वोट दिया था, तभी एक नेता के रूप में उनका कद कम हो गया था और उनके दो शीर्ष सहयोगी (अनिल देशमुख और नवाब मलिक) अब जेल में है। उन्हें शिवसेना के अगुवा उद्धव के लिए सीएम पद देना पड़ा।"

उद्धव को निशाने पर लेते अमित मालवीय ने कहा कि, "बालासाहेब ठाकरे एक ऐसे व्यक्ति थे जो सत्ता में न होते हुए भी सरकारों को नियंत्रित कर सकते थे। वहीं उनके बेटे सत्ता में रहते हुए भी अपनी पार्टी को नियंत्रित नहीं कर पाए। और, कुर्सी के किस हद तक गिर गए!" मालवी​य ने ट्वीट कर कहा, "उद्धव ठाकरे ने न केवल अपना सीएम पद खो दिया है, बल्कि राकांपा और कांग्रेस के साथ एक गैर-सैद्धांतिक गठबंधन में प्रवेश करके बालासाहेब की विरासत को भी धूमिल किया है। लेकिन एमवीए का पतन शरद पवार के लिए एक बड़ा नुकसान है, जिन्होंने खुद को इस गठबंधन के वास्तुकार के रूप में देखा।"