भोपाल
प्रदेश के सात लाख विद्यार्थियों के बैँक खाते त्रुटिपूर्ण होंने के कारण उनके भुगतान नहीं हो पाए है। इसके कारण सीएम हेल्पलाईन पर जमकर शिकायतें पहुंच रही है और इसके चलते स्कूल शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है। अब सात दिन के अंदर इन्हें ठीक करने के निर्देश सभी मैदानी अफसरों को दिए गए है। समेकित छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत  विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण अंतिम चरण में है।

लोक शिक्षण संचालनालय समय-समय पर वीडियो कांफे्रसिंग, बैठकों में शिक्षा पोर्टल पर विद्यार्थियों के सही एवं सत्यापित बैंक खाते प्रविष्ट किए जाने औश्र विद्यार्थियों के त्रुटिपूर्ण , निष्क्रिय , विसंगतिपूर्ण, बैंक  खाते अपडेट करने के लिए निर्देशित करता रहा है। विद्यार्थियों के बैंक खाते शिक्षा पोर्टल पर अपडेट नहीं किए जाने के कारण बार-बार छात्रवृत्ति  राशि अंतरित किए जाने के बाद भी ट्रांजेक्शन फेल होने के कारण राशि ट्रांसफर नहीं की जा सकी है।

लगभग सात लाख विद्यार्थियों के खाते त्रुटिपूर्ण होंने के कारण उनके खातों में छात्रवृत्ति की राशि नहीं पहुंच पाई है। इसकी शिकायतें सीएम हेल्पलाईन तक हो रही है।  विभाग की जो शिकायतें सीएम हेल्पलाईन में पहुंच रही है उनमें अधिक संख्या में शिकायतें छात्रवृत्ति नहीं मिलने की भी है।

सात दिनों में छात्रवृत्ति दी जाए
सभी संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है कि  सात दिन के भीतर सभी खातों को ठीक कर उनके खातों में अंतिम बार छात्रवृत्ति हस्तांतरित की जाए। सभी संस्था प्रमुखों और संकुल प्राचार्यो से कहा गया है कि शिक्षा पोर्टल पर दर्ज सभी विद्यार्थियों के बैँक खातों का परीक्षण करवाएं और यदि सुधार की जरुरत हो तो तत्काल सुधार करने के लिए निर्देशित करें एवं संबंधित संस्था, संकुल प्राचार्य से  बैंक खाते सहीं होंने का प्रमाणपत्र भी लिया जाए। समयसीमा में यह काम किया जाए और अब त्रुटिपूर्ण बैँक खाते होंने के कारण छात्रवृत्तियों का भुगतान नहीं होंने पर संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारण किया जाए।