नई दिल्ली
प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को समन भेजा है। साथ ही उन्हें 21 जुलाई को ईडी दफ्तर आने को कहा। इससे पहले जून में ही उनसे पूछताछ होनी थीं, लेकिन वो कोरोना का शिकार हो गईं। इस वजह से ईडी ने तारीख आगे बढ़ा दी थी। हालांकि उस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी पूछताछ में शामिल हुए थे। इस वजह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में काफी हंगामा भी किया था। दरअसल ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस की जांच फिर से शुरू कर दी है। इस मामले में 8 जून को सोनिया गांधी को पूछताछ के लिए ईडी ने बुलाया था, लेकिन वो कोरोना से संक्रमित हो गई। इसके बाद उनको 23 जून को बुलाया गया। उस दौरान वो स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की वजह से दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थीं। हालांकि कुछ ही दिनों में वो डिस्चार्ज हो गई थीं। ऐसे में अब 21 जुलाई को उनको पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

राहुल से 50 घंटे की पूछताछ
आपको बता दें कि पिछले महीने राहुल गांधी से पांच दिन में करीब करीब 50 घंटे पूछताछ हुई थी। उस दौरान धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया। वैसे तो राहुल ने ईडी का पूरा सहयोग किया था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में जमकर प्रदर्शन किया था। बगावत: गोवा में कांग्रेस के 5 विधायक 'गायब', सोनिया गांधी ने मुकुल वासनिक को पणजी भेजाबगावत: गोवा में कांग्रेस के 5 विधायक 'गायब', सोनिया गांधी ने मुकुल वासनिक को पणजी भेजा

ये है पूरा मामला
नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 1938 में हुई थी। ये कई बार शुरू हुआ और फिर बंद हो गया। 2008 में ये अखबार फिर से पूरी तरह बंद कर दिया गया था और अखबार का मालिकाना हक एसोसिएट जर्नल्स को दे दिया गया। इस कंपनी ने कांग्रेस से बिना ब्याज के 90 करोड़ रुपये कर्जा लिया, लेकिन अखबार फिर भी शुरु नहीं हुआ। वहीं 2012 में इसका मालिकाना हक यंक इंडिया को ट्रांसफर कर दिया गया। इस कंपनी में 76 फीसदी हिस्सेदारी सोनिया और राहुल की थी। आरोप है कि यंग इंडिया ने हेराल्ड की संपत्ति को 50 लाख में हासिल किया, जबकि उसकी कीमत 1600 करोड़ के आसपास थी। इसके बाद ये मामला कोर्ट भी गया था।