नई दिल्ली
 चाइनीज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. वीवो अपने कर्मचारियों को सैलेरी नहीं दे पा रही है. मामला है मनी लॉन्‍ड्रिंग का जिसमें ईडी पूरे मामले की जांच कर रही है और वीवो कंपनी के नौ बैंक अकाउंट को सीज कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि इन खातों में लगभग 250 करोड़ रुपये जमा हैं.

जानकारी के अनुसार वीवो ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपील की है कि कंपनी के करीब 9 बैंक खातों को सील कर दिया गया है. ऐसे में कंपनी के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि वे कर्मचारियों को समय पर सैलेरी नहीं दे पा रही है. इसका कारण है कि कंपनी के करीब 250 करोड़ रुपये इन खातों के सील होने के साथ ही उसी में रह गए हैं.

ऑपरेट करने की दें इजाजत
कंपनी ने हाईकोर्ट में कहा कि कर्मचारियों को सैलेरी देने के लिए उन्हें इन खातों को ऑपरेट करना होगा. ऐसे में हाईकोर्ट ईडी को आदेश देकर सील किए गए खातों को खुलावा दें जिससे सभी को सैलेरी दी जा सके और कंपनी के हर दिन के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़े.

ईडी को दिया आदेश
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को आदेश दिया कि वे बुधवार तक इस मामले में कोई फैसला लें. साथ ही ये पूछा कि क्या ईडी वीवो कंपनी के बैंक खातों को डीसील करना चाहती है. अब मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी. इस दौरान ईडी अपना जवाब भी पेश करेगी.

क्या है मामला
गौरतलब है कि ईडी को वीवो कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्‍ड्रिंग की शिकायत मिली थी. जिसके बाद ईडी ने अपनी जांच शुरू की थी. वीवो कंपनी पर आरोप है कि उसने कंपनी की भारतीय ब्रांच से चीन स्थित अपनी कंपनी को पांच सालों में 62 हजार करोड़ रुपये गलत तरीके से ट्रांसफर किया गया है.