नई दिल्ली

एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक (एसयूपी) से बनी वस्तुओं पर पाबंदी का लाभ कागज उद्योग की कंपनियों को मिल रहा है और उनके शेयर चढ़ गए हैं। बीते एक महीने में सेषसायी पेपर समेत कागज विनिर्माता कंपनियों के शेयरों में तीन से आठ प्रतिशत की बढ़त हुई है, वह भी तब जबकि इस दौरान बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी में पांच फीसदी की गिरावट आई है। एक महीने के दौरान सेषसायी पेपर एंड बोर्ड्स के शेयर 7.80 फीसदी चढ़ गए। तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स के शेयर 7.07 प्रतिशत, सतिया इंडस्ट्रीज के 5.54 फीसदी और वेस्ट कोस्ट पेपर मिल्स के शेयर 3.15 फीसदी चढ़ गए। इसी अवधि के दौरान (31 मई से एक जुलाई) सेंसेक्स में 4.78 फीसदी की और निफ्टी में 5.01 प्रतिशत की गिरावट आई।
    
जिन एसयूपी उत्पादों पर पाबंदी लगाई गई है उनमें ईयरबड, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक की छड़ें, झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर और स्टिरर शामिल हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में खुदरा अनुसंधान के प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ''देखा जाए तो इस कागज बनाने वाली कंपनियों को इस प्रतिबंध का लाभ मिलना चाहिए लेकिन ज्यादातर पेपर कंपनियां इस तरह के उत्पाद नहीं बनाती हैं और निकट भविष्य में वे इनके उत्पादन के क्षेत्र में उतरने वाली भी नहीं हैं।''