नई दिल्ली
मनुष्यों के लिए प्रजनन सबसे अहम चीज है, लेकिन मौजूदा वक्त में लोगों की खराब लाइफस्टाइल की वजह से बच्चे पैदा करने में दिक्कत हो रही। इस समस्या का सबसे ज्यादा शिकार पुरुष हो रहे हैं। इसको लेकर हाल ही में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, MAHE-मणिपाल और जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूएनस्टर के विशेषज्ञों ने रिसर्च की, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। (तस्वीरें-सांकेतिक) इजैक्‍युलेशन पर हुई रिसर्च रिसर्च के मुताबिक मौजूदा वक्त में पुरुषों की गलत आदतों की वजह से बच्चे पैदा होने में समस्या हो रही है। बढ़ती उम्र के साथ ये समस्या बढ़ती जा रही। इसके चलते जर्मनी के फर्टिलिटी एक्सपर्ट की एक टीम ने स्पर्म क्वॉलिटी और स्पर्म के निकलने (इजैक्‍युलेशन) के बीच के संबंध को जानने की कोशिश की। फिर उसे अमेरिकन सोसाइटी ऑफ एंड्रोलॉजी और यूरोपियन एकेडमी ऑफ एंड्रोलॉजी के आधिकारिक जर्नल 'एंड्रोलॉजी' में प्रकाशित किया।

इतना गैप जरूरी रिसर्च में शामिल विशेषज्ञों ने बताया कि उन्होंने इसमें 10 हजार पुरुषों को शामिल किया था। इसके बाद उनके दो इजैक्‍युलेशन के बीच के गैप और स्पर्म क्वॉलिटी की जांच की गई। उन्होंने कहा कि अगर आप पिता बनना चाहते हैं, तो आपको औसत गुणवत्ता वाला स्पर्म चाहिए। इसके लिए दो इजैक्‍युलेशन के बीच दो दिनों का गैप जरूर रखना चाहिए।

अगर किसी की स्पर्म क्वालिटी बहुत ज्यादा खराब है, तो उसे दो इजैक्‍युलेशन के बीच 6 से 15 दिनों का गैप रखना चाहिए। पुरुष भी बराबर के जिम्मेदार मामले में मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के वाइस चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) वेंकटेश ने कहा कि भारत में जब भी किसी कपल को बच्चा नहीं होता, तो उसके लिए महिला को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन ये धारणा पूरी तरह से गलत है। इसके लिए 50 फीसदी जिम्मेदार पुरुष भी होते हैं। उसमें सबसे बड़ा कारण खराब क्वालिटी का स्पर्म होता है। 'हमारी संस्कृति को ये क्या हो गया है'? बिकिनी लुक पर ईशा गुप्ता हुईं ट्रोल, बॉयफ्रेंड भी थे साथ ये चेतावनी दी स्टडी के मुताबिक जब बच्चे पैदा नहीं होते, तो पुरुष अपनी कमियों को अनदेखा करते हैं। कई मामलों में तो देखा गया है कि वो इलाज करवाने भी नहीं जाते। ऐसे में उन्हें चेतावनी दी जाती है कि रोजाना स्पर्म नहीं बर्बाद करना चाहिए, वर्ना बच्चे पैदा करने में काफी समस्या होगी।