गर्भावस्था के दौरान हर महिला अपने खानपान पर विशेष ध्यान देती है। अच्छी तरह ध्यान देने के बावजूद भी हार्मोंस में बदलाव की वजह से महिलाओं को एसिडिटी की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से सीने में दर्द जैसे परेशानी देखी गई है। सीने में दर्द यदि कभी-कभार हो तो यह नॉर्मल बात है क्योंकि ऐसा दर्द एसिडिटी की वजह से हो सकता है। लेकिन यदि प्रेग्‍नेंसी के दौरान सीने में दर्द लगातार बना हुआ है तो यह किसी और बीमारी की ओर इशारा हो सकता है।

चेस्ट पेन की वजह  से यदि आप असहज महसूस करने लगे हैं, साथ ही सांस लेने में दिक्कत या किसी भी अन्य तरह की परेशानी आपको चेस्ट पेन के साथ आने लगी है तो इस दर्द को एसिडिटी समझ कर इग्नोर ना करें। समय रहते डॉक्टर की सलाह लें।

यदि हम समय रहते समझ लें कि चेस्ट पेन का कारण क्या है, इसमें क्या सावधानी बरतनी चाहिए और इससे बचाव के क्‍या तरीके हैं या इसका इलाज क्या है तो इस परेशानी को कम किया जा सकता है।

क्या सीने में दर्द होना सामान्य है?
प्रेग्‍नेंसी के दौरान भारीपन लगना, एसिडिटी की तरह महसूस होना सामान्य है। लेकिन यदि सीने में होने वाले दर्द के साथ-साथ आपके हाथ भी सुन्न होते हैं, सांस लेने में दिक्कत आती है तो ऐसा होना सामान्य नहीं है।

​सीने में दर्द के कारण
प्रेग्‍नेंसी के दौरान सीने में दर्द कुछ सामान्य कारणों से हो सकता है जैसे कि तला-भुना खाना, अपच, बढ़ते हुए हार्मोंस। कई तरह के इंफेक्शन जैसे कि डीप वेन थ्रॉम्बोसिस, सीएचडी भी चेस्ट पेन का कारण होते हैं। यदि आप अस्थमा की मरीज हैं तो अस्थमा भी एक कारण है जिसकी वजह से प्रेग्‍नेंसी के दौरान सीने में भारीपन, जकड़न या सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

​राहत कैसे पाएं?
यदि आपको सीने में दर्द के साथ-साथ चक्कर, उल्टी, हाथों का सुन्न हो जाना जैसी समस्या भी है तो आपको डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत है। लेकिन यदि आपको सीने में अपच या एसिडिटी की वजह से सामान्य दर्द है तो आप कुछ बातों का ध्यान रख कर इससे राहत पा सकती हैं। जैसे कि कमर के नीचे तकिया लगाकर लेटें। इससे सांस लेने में आसानी होती है, खाना खाने के बाद तुरंत ना सोएं, एक साथ खूब सारा खाना ना खाएं बल्कि छोटे-छोटे मील्स लें। मसालेदार खाना खाने से बचें और तनाव से दूर रहें।

​घरेलू उपचार
कुछ घरेलू उपचार एसिडिटी को कम करने में मददगार साबित होते हैं। जैसे कि शहद के साथ गर्म दूध का सेवन, भीगे हुए बादाम खाना भी एसिडिटी कम करने में मदद करता है। नारियल पानी पीने से शरीर में एसिडिटी कम होती है, वहीं अजवाइन वाला पानी पीना भी अपच में सहायक होता है।

​क्या नहीं खाएं
प्रेग्नेंसी के दौरान जितना हो सके उतना संतुलित आहार लेना चाहिए। अपने आहार में फल, दूध, प्रोटीन सब कुछ नियमित रूप से लेना चाहिए। लेकिन फिर भी कुछ ऐसे फल और सब्जियां होते हैं जो गैस का कारण बनते हैं। यदि गैस की समस्या ज्यादा है तो आपको डेयरी प्रोडक्ट, बीन्स, ब्रोकली, फूलगोभी, बाहर की बनी हुई मिठाईयां, मसालेदार खाने से बचना चाहिए।