भोपाल
प्रदेश में नर्मदा नदी के ओंकारेश्वर जलाशय पर 600 मेगावॉट क्षमता की फ्लोटिंग सोलर परियोजना का निर्माण दो चरण में किया जा रहा है। प्रथम चरण में कुल 278 मेगावॉट क्षमता विकसित करने के लिये 3 कम्पनियों को आज लेटर ऑफ अवार्ड जारी किये गये। मेसर्स एनएचडीसी लिमिटेड, परियोजना की यूनिट-डी, एएमपी एनर्जी यूनिट-ई और एसजेवीएन लिमिटेड यूनिट-एफ को विकसित करेगा।

प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा संजय दुबे ने बताया कि प्रथम चरण में 278 मेगावॉट क्षमता की परियोजना को सितम्बर-2023 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। ओंकारेश्वर परियोजना देश की बहु-उद्देश्यीय परियोजनाओं में से एक है, जिसमें सिंचाई, जल-विद्युत उत्पादन पहले से ही हो रहा है। अब सौर ऊर्जा के उत्पादन के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। दुबे ने बताया कि परियोजना निर्माण अवधि में लगभग एक हजार व्यक्तियों तथा परियोजना संचालन अवधि में लगभग 300 व्यक्तियों को सीधे रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना (प्रथम चरण) के विकास से प्रदेश में लगभग 1600 करोड़ रूपये का निवेश आकर्षित होगा।

प्रमुख सचिव दुबे ने बताया कि इस परियोजना से प्राप्त टेरिफ बेसिक कस्टम ड्यूटी को महँगे पेट्रोल उत्पाद सोलर पेनल, अन्य अनुषांगिक सामान, वर्तमान वैश्विक महँगाई स्तर आदि परिस्थितियों के बाद भी न्यूनतम माना जा सकता है, जो विश्व को फ्लोटिंग सोलर परियोजना में एक नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से प्रदेश की जनता को भी अनेक लाभ मिलेंगे। इससे ऊर्जा आपूर्ति में कार्बन उत्सर्जन करीब 6 लाख मीट्रिक टन कम होगा। कृषि एवं अन्य उद्योग के लिये उपयोगी लगभग 600 हेक्टेयर भूमि का बचाव होगा। भूमि की आवश्यकता नहीं होने से किसी भी प्रकार का विस्थापन नहीं होगा। परियोजना में सोलर पेनल को साफ करने के लिये जलाशय के पानी को ही उपयोग में लिया जायेगा, जिससे बहुमूल्य जल की बचत होगी। इसके अतिरिक्त जलाशय के जल को वाष्पीकरण से बचाया जाना फ्लोटिंग सौर परियोजना से संभव होगा। दुबे ने बताया कि वाष्पीकरण कम होने से लगभग 32.4 मिलियन घन मीटर पानी की वार्षिक बचत होगी। बचत की यह मात्रा इंदौर जैसे शहर को लगभग 112 दिनों तक के लिये पानी की दैनिक माँग को पूरा करने के लिये पर्याप्त है।

उल्लेखनीय है कि अल्ट्रा मेगा रिन्यूवल एनर्जी पावर पार्क्स योजना (UMREPP) में 600 मेगावॉट परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना से उत्पादित सम्पूर्ण 600 मेगावॉट विद्युत का क्रय राज्य शासन की पावर कम्पनी (MPPMCL) द्वारा किया जायेगा।