एक इंसान की पर्सनालिटी में उसके सफेद दांत चार चांद लगाते हैं। जिस तरह हम शरीर एक अलग-अलग अंगों की देखभाल करते हैं। वैसे ही दांत को लेकर भी सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। ओरल हाइजीन अगर नहीं रखेंगे तो दांतों और मसूड़ों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। जिसमें दांतों का कमजोर होना, मसूड़ों से खून आना, पायरिया, कैविटी शामिल हैं। इसके साथ ही मुंह से बदबू आने पर लोग आपसे दूर भी भागेंगे।

दांतों की सफाई के नाम पर बाजार में  कई तरह के टूथपेस्ट और उत्पाद मिलते हैं। इससे दांत को साफ रखने में हेल्प होती है। लेकिन देखा गया है कई लोगों को इसके इस्तेमाल से भी फायदा नहीं होता है। वो रोजाना ब्रश करते हैं फिर भी दांतों से जुड़े रोग होते हैं। आखिर क्या वजह होती है। जवाब है टूथपेस्ट। जी हां, कई टूथपेस्ट दांतों को नुकसान भी पहुंचाते हैं।

अमेरिकी न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि टूथपेस्ट इस्तेमाल करने से आपको ज्यादा फायदा नहीं मिलने वाला अगर उसमे हाइड्रॉक्सीपटाइट (Hydroxyapatite) नहीं हो। यह तत्व कैल्शियम का एक रूप है जो आपके दांतो को सुरक्षित रखता है। हाइड्रॉक्सीपटाइट दांतों के इनेमल का 97% और डेंटिन का 70% तक निर्माण करता है।

अमेरिकी न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया कि हाइड्रॉक्सीपटाइट दांतों को मजबूत और सफेद बना सकता है। यह शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। यह गैर विषाक्त है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि हाइड्रॉक्सीपैटाइट वाला टूथपेस्ट आपके दांतों की सतहों पर रक्षाकवच की तरह काम करता है। जिससे आपके दांत एसिड और शुगर से बचाता है।

इतना ही नहीं दांतों में होने वाले सेंसिटिविटी को भी यह दूर करता है। यह दांतों के इनेमल को मजबूत करता है। इसके साथ ही दांतों में लगने वाले बैक्टीरिया को दूर करता है।

हाइड्रॉक्सीपटाइट वाला टूथपेस्ट कई देशों में मिलता है।  इस तत्व से बने कुछ तरह के टूथपेस्ट आपको अमेज़न पर भी मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी तरह के उत्पाद को खरीदने से पहले डेंटिस्ट से सलाह जरूर लेना चाहिए।