मुंबई

डोभाल ने विविध-एजेंसी समुद्री सुरक्षा समूह (एमएएमएसजी) की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा तंत्र से जुड़ी हुई सभी एजेंसियों और अन्य हितधारकों को भारत की प्रगति तथा विकास के समग्र दृष्टिकोण के साथ आपसी समन्वय स्थापित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते हालात तथा बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है।

डोभाल ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के मद्देनजर समुद्री सुरक्षा अधिक महत्वपूर्ण हो गयी है।

बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) जी अशोक कुमार ने की।

कुमार ने इस साल 16 फरवरी को देश के पहले राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक के तौर पर प्रभार संभाला था।

बैठक में केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रालयों, एजेंसियों और समुद्री मामलों से निपटने वाले सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में 13 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समुद्री सुरक्षा समन्वयकों ने भी हिस्सा लिया।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शीर्ष स्तर पर समुद्री सुरक्षा मामलों के समन्वय में सुधार के लिए एक बड़े फैसले के तहत पिछले साल नवंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में एनएसए के नेतृत्व में राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक (एनएमएससी) का पद सृजित करने को मंजूरी दी थी।

इस पहल का उद्देश्य भौगोलिक और कार्यात्मक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए एक सहज दृष्टिकोण सुनिश्चित करना था।