इंदौर
 2011 के एक मामले में कोर्ट पेशी पर इंदौर आए कांग्रेस सांसद दिग्विजयसिंह (Digvijay Singh) ने नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को उम्मीदों भरा बताया। उन्होंने कहा, हम पूरे दमखम के साथ 2023 का चुनाव भी लड़ेंगे। 230 में से 150 सीट जीतेंगे, ताकि हार्स टे्रेडिंग (विधायकों की खरीद-बिक्री) की कोई गुंजाइश ही न रहे। दिग्विजयसिंह (Digvijay Singh) ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, 2015 में हुए नगर निगम चुनाव में हमारे पास 16 में से एक भी निगम नहीं थी, अब हमारे पास 5 हैं। रीवा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर व मुरैना की सीटें हम जीते हैं। कमलनाथ के नेतृत्व में पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ी और हम जीते। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है।

वहीं, ईडी द्वारा नेशनल हेराल्ड (National HeraldCase) मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi,) से पूछताछ को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दिग्विजयसिंह (Digvijay Singh) बोले- केंद्र की मोदी सरकार कांग्रेस के उस परिवार को प्रताडि़त करने में लगी है, जिसके दादा से लेकर पोती तक आजादी की लड़ाई में जेल गए। उस परिवार से दो पूर्व प्रधानमंत्री ने शहादत दी। उन पर आरोप कौन लगा रहा है, जिन्होंने पसीना तो दूर नाखून तक की कुर्बानी नहीं दी। हम सब गांधी परिवार के साथ खड़े हैं। एक पैसे की हेराफेरी नहीं हुई, कोई नियम का उल्लंघन नहीं हुआ। केंद्र सरकार विपक्ष के नेताओं को डराने और धमकाने में लगी है।
चुनाव हारने वाले यादव के घर पहुंचे

इंदौर प्रवास के दौरान दिग्विजयसिंह (Digvijay Singh) नगर निगम चुनाव में जीतने के बाद रिकाॅउंटिंग में हारने वाले बब्बू यादव के घर भी पहुंचे। यहां उन्होंने बब्बू और उनके परिवार के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद वे नवनिर्वाचित पार्षद यशस्वी पटेल के नए कार्यालय का उद्घाटन करने भी पहुंचे।

जयवर्धनसिंह ने उज्जैन की मतगणना के खिलाफ जाएंगे कोर्ट
कांग्रेस विधायक जयवर्धनसिंह (Jaivardhan Singh) ने कहा, पार्टी ने जबलपुर, रीवा, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और मुरैना में जीत दर्ज की। उज्जैन में भी हमारा प्रत्याशी जीत गया था, लेकिन सत्तापक्ष के दबाव में रिकाउंटिंग में उन्हें हराया गया। इसके खिलाफ हम कोर्ट जाएंगे। इंदौर जिला कोर्ट में पेशी पर आए जयवर्धन (Jaivardhan Singh) ने उज्जैन में महापौर प्रत्याशी की मतगणना में धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, नगर निगम चुनाव नतीजों से स्पष्ट है कि प्रदेश की जनता भाजपा के खिलाफ है। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का धन बल हारेगा और कांग्रेस का जन बल जीतेगा।