पणजी
महाराष्ट्र संकट के बाद अब गोवा में कांग्रेस (Goa Congress) विधायकों में टूट की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी के नौ विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, पार्टी किसी भी तरह की टूट से इनकार कर रही है। बता दें कि गोवा में कांग्रेस के 11 विधायक हैं। यदि 9 विधायक भाजपा में आते हैं तो कांग्रेस के पास केवल दो विधायक रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत (Digambar Kamat), विपक्ष के नेता माइकल लोबो (Michael Lobo) और अन्य कांग्रेस विधायकों ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ जल्द ही भाजपा में शामिल होने की संभावना है

हालांकि कामत और लोबो दोनों ने इस बात से इनकार किया कि वे भाजपा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, लेकिन सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को भाजपा में लेने का फैसला पार्टी आलाकमान ने किया है। सूत्रों ने कहा कि अयोग्यता से बचने के लिए सामूहिक रूप से भाजपा में जाने का फैसला किया गया है। दरअसल गोवा के 40 सदस्यीय सदन में, कांग्रेस के पास 11 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 20 और एमजीपी के 2 सदस्य और तीन निर्दलीय हैं।

गोवा कांग्रेस प्रभारी दिनेश गुंडू ने अफवाह बताया
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक गोवा में कांग्रेस के कई विधायक सत्ता में आने और भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए गोवा के कांग्रेस प्रभारी दिनेश गुंडू राव समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे पूरी तरह अफवाह बताया। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि पणजी के एक होटल में पार्टी के 11 विधायकों के साथ शनिवार की बैठक का अनुमान से कोई लेना-देना नहीं था। यह बैठक सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले आयोजित की गई थी।

11 में से आठ विधायक नए
वहीं विधायकों की टूट की आशंका पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर ने कहा कि हमारे 11 में से आठ विधायक नए हैं। फ्लोर मैनेजमेंट पर (सदन में) आज बैठक हुई। हमारे वरिष्ठ विधायकों ने नए विधायकों के साथ चर्चा की थी, और मुझे उम्मीद है कि सोमवार से आप देखेंगे कि कांग्रेस इस सरकार के खिलाफ (सदन में) सार्वजनिक मुद्दे उठा रही है, जो विफल रही है।