धार
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग भोपाल द्वारा गुरूपूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरू की महानता के प्रति आदर प्रकट करने हेतु " गुरूपूर्णिमा पर्व " का आयोजन शासकीय ललित कला महाविद्यालय घोडा चौपाटी, धार परिसर मे रखा गया । कार्यक्रम का शुभारंभ इन्दौर से आए वक्ता एवं प्रख्यात मूर्तिकार श्री मोहन विश्वकर्मा, मुख्य अतिथि श्री अतुल कालभंवर( जनभागीदारी अध्यक्ष शासकीय ललित कला महाविद्यालय, धार) तथा प्राचार्य श्रीमती कांति तिर्की द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इंदौर से आए श्री मोहन विश्वकर्मा का प्राचार्य द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल श्रीफल द्वारा स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि श्री अतुल काल भंवर जी का पुष्पगुच्छ से प्राचार्य द्वारा स्वागत किया गया । इंदौर से आए श्री मोहन विश्वकर्मा जी द्वारा गुरू की महानता पर वक्तव्य दिया गया । जिसमे उन्होंने अर्जुन एवं श्री कृष्ण के गुरु-शिष्य संबंध पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि श्री अतुल काल भंवर जी द्वारा गुरु शिष्य परंपरा पर बहुत ही सुंदर विचार प्रस्तुत किए गए । इसके पश्चात श्री मोहन विश्वकर्मा जी द्वारा मूर्ति कला में पोट्रेट विषय पर डेमोंसट्रेशन दिया गया । उन्होंने क्ले मॉडलिंग के द्वारा महाविद्यालय के शिक्षक श्री प्रेम सिंह सिकरवार जी का बहुत ही सुंदर पोट्रेट बनाया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को मूर्ति कला विषय की बारीकियां बताई । कार्यक्रम का संचालन श्री प्रेम सिंह सिकरवार जी द्वारा किया गया। आभार प्राचार्य कांति तिर्की द्वारा माना गया । कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विद्यार्थी एवं भूतपूर्व विद्यार्थी श्रीमती कविता सालुंके श्री दीपक निक्कम तथा महाविद्यालय के श्री भूपेंद्र सिंह चौहान श्रीमती नंदनी खरमले श्री नवनीत लोकरे श्रीमती प्रिया शर्मा श्री चंदर सिंह सोलंकी श्री गोपाल यादव एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा ।