खंडवा

खंडवा में एग्रीकल्चर कॉलेज के स्टूडेंट ने रैंगिग से तंग आकर जान देने की कोशिश की है। उसने जहर खा लिया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वह कॉलेज में BSc फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। छात्र की जेब से एक लेटर भी मिला, जिसे सुसाइड नोट बताया जा रहा है। इसमें उसने रैगिंग से परेशान होने और सीनियर्स द्वारा घिनौनी हरकत करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार वालों ने कॉलेज पहुंचकर हंगामा कर दिया। मामले में 18 सीनियर्स के नाम सामने आए हैं।

मामला खंडवा के भगवंतराव मंडलोई कृषि कॉलेज का है। जहां बड़गांव माली का रहने वाला हरिओम पिता दीपक पाटीदार BSc फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। हरिओम ने शुक्रवार को घर पर कीटनाशक दवाई पी ली। उसे उल्टियां करते देख परिवार वाले अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जहर खाने की बात बताई, तो परिजनों के होश उड़ गए। हरिओम की जेब में एक चिट्‌ठी मिली। जिसमें उसने रैगिंग से परेशान होने की बात लिखी। इसे उसने सुसाइड नोट के रूप में लिखा था। हालांकि अच्छी बात ये रही कि उसकी जान बच गई।

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घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने मामले से पल्ला झाड़ लिया। डीन एसपी मिश्र ने कहा कि स्टूडेंट ने मौखिक या लिखित में शिकायत नहीं की। शिकायत करते तो हम एक्शल लेते। मामले में एंटी रैगिंग स्क्वॉड टीम जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की जाएगी।

18 सीनियर्स के नाम सामने आए

मामले में रैगिंग करने वाले 18 सीनियर्स के नाम सामने आए हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम निकेतन पाटीदार का है। वह खंडवा के ही गांधवा का रहने वाला है। वह हरिओम पाटीदार का रिश्तेदार भी है। हरिओम के बैचमेट्स ने बताया कि कॉलेज में रैगिंग की परंपरा वर्षों से चल रही है। कॉलेज प्रबंधन की सख्ती नहीं है। शिकायत करते हैं तो ध्यान नहीं देते।

गंदे स्तर पर करते हैं रैगिंग

हरिओम के दोस्तों ने बताया कि उनके सीनियर्स गंदे स्तर पर रैगिंग करते हैं। जूनियर को सिर झुकाकर चलना पड़ता है। कोई भी उनसे आंख नहीं मिला सकता। वे आए दिन वीडियो कॉल भी करते हैं, जिसमें गर्दन झुकाकर बात करनी पड़ती है। रूम पर आकर भी धमकियां देकर चले जाते हैं।