लखनऊ
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 जून को उन्हें घर का मालिकाना हक दिलाने वाले दस्तावेज सौंपेंगे। स्वामित्व योजना के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ करीब 1081062 ग्रामीणों को गुरुवार 23 जून को डिजिटल माध्यम से उनके घर का मालिकाना हक दिलाने वाला दस्तावेज (ग्रामीण आवासीय अभिलेख यानी घरौनी प्रमाण पत्र) सौंपेंगे।

स्वामित्व योजना का लाभ पाने वाले ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। इतना ही नहीं, घरौनी प्रमाण पत्र मिलने के बाद ऐसे ग्रामीणों को बैंकों से लोन प्राप्त करना भी आसान हो जाएगा। अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राप्त करने में भी घरौनी के दस्तावेज उनके काम आ सकेंगे। राज्य सरकार स्वामित्व योजना के तहत सभी 75 जनपदों में घरौनियां तैयार किए जाने का कार्य बड़ी तेजी से कर रही है। अभिलेखों को तैयार करने के लिए 1,10313 ग्रामों को चिन्हित किया गया है।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना की शुरूआत 24 अप्रैल 2020 को की थी। जिसका लाभ सीएम योगी आदित्यनाथ यूपी की ग्रामीण जनता को दिला रहे हैं। स्वामित्व योजना के तहत 20 जून तक प्रदेश के कुल 68641 ग्रामों में ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। 23287 ग्रामों में कुल 3428305 घरौनियां तैयार हो चुकी हैं। योजना के तहत ग्रामीण आवासीय अभिलेखों का निर्माण हो जाने पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पत्ति संबंधी विवाद काफी कम हो जाएंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत अभिलेख बन जाने पर न्यायालय में चल रहे विवादों का निस्तारण जल्द होगा। आबादी क्षेत्र का प्रारंभिक डाटा मिलने पर सरकार विकास की योजनाओं को आसानी से संचालित करा सकेगी। इन अभिलेखों के तैयार हो जाने पर ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय तरलता एवं वित्तीय सुदृढ़ता के साथ ही विकास की प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।