भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता वाले कामों पर विभागों द्वारा किए गए कामों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय सभी विभागों से लेगा। इसमें मुख्यमंत्री की घोषणाओं के साथ सीएम मॉनिट के ए और ए प्लस कैटेगरी में शामिल किए गए विषय शामिल होंगे।

सीएम आफिस  सभी विभागों से संबंधित सीएम की 928 घोषणाओं और 5185 सीएम मॉनिट प्रकरणों समेत कुल 6113 मामलों की समीक्षा एक हफ्ते में करेगा। इसके बाद देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम के लिए तैयार होने वाले सीएम के भाषण में इन घोषणाओं और मॉनिट प्रकरणों के क्रियान्वयन की झलक दिखाई देगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और विभागाध्यक्षों को ए प्लस और ए कैटेगरी में शामिल किए गए स्थानांतरण विकास कार्य से संबंधित मामलों की समीक्षा संबंधी पत्र भेजे हैं। इसमें कहा गया है कि विभाग यह बताएंगे कि वित्त वर्ष 2022-23 में विकास और लोक हित के मद्देनजर कौन से विकास कार्य चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर अमल के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से विभागों से संबंधित जो घोषणाएँ परीक्षण के उपरांत तकनीकी रूप से असाध्य पाई गई हैं और जो घोषणाएं अन्य विभागों से संबंधित हैं, उन्हें ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था। इसकी भी जानकारी विभागों से मांगी गई है। मुख्यमंंत्री कार्यालय ने कहा है कि ऐसी घोषणाएं जिन्हें आगामी अनुपूरक बजट में शामिल किए जाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। उसकी जानकारी नोडल अधिकारी प्रस्ताव की संक्षेपिका और टीप के साथ देंगे। इन बैठकों में उप सचिव स्तर के अधिकारी पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होकर उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही इन सभी जानकारियों को सीएम मॉनिट पर भी अपडेट करना होगा।

विभागवार पेंडिंग सीएम मॉनिट और घोषणाएं
विभाग वार सीएम की घोषणाओं और सीएम मॉनिट में शामिल किए गए जो प्रकरण सीएम कार्यालय में दर्ज हैं, उसमें सबसे अधिक 752 मामले नगरीय विकास और आवास विभाग के हैं। विभाग में सीएम की 142 घोषणाएं और 610 सीएम मॉनिट केस हैं। इसके बाद पीडब्ल्यूडी का नम्बर दूसरा है। विभाग से संबंधित 82 घोषणाएं और 635 सीएम मॉनिट समेत 717 मामले हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के 81 घोषणा और 407 सीएम मॉनिट, गृह के 34 घोषणा और 401 सीएम मॉनिट हैं। स्वास्थ्य विभाग के 45 सीएम घोषणा और 388 सीएम मॉनिट के मामले हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के 53 सीएम एनाउंस और 359 सीएम मॉनिट हैं। राजस्व विभाग के सीएम मॉनिट में 287 और सीएम घोषणा के 42 मामले हैं। इसके अलावा सौ से अधिक सीएम मानिट के केस जिन विभागों से संबंधित पेंडिंग हैं, उनमें जल संसाधन विभाग के 243, जनजातीय कार्य विभाग के 200, उच्च शिक्षा विभाग के 188, वन के 125, ऊर्जा के 117, जीएडी के 113, खनिज साधन विभाग के 104, किसान कल्याण विभाग व नर्मदा घाटी विकास विभाग के 102-102 मामले शामिल हैं।

26 जुलाई से शुरू होंगी विभागवार बैठकें
सीएम कार्यालय द्वारा इसको लेकर विभागवार बैठकें तय की गई हैं। ये बैठकें 26 जुलाई से शुरू होंगी और एक अगस्त तक चलेंगी। सीएम कार्यालय ने सबसे अधिक 27 विभागों की जानकारी और समीक्षा एक अगस्त को करने का निर्णय लिया है। इसी तरह 28 जुलाई को 16 विभागों की समीक्षा कर जानकारी ली जाएगी।