भोपाल

रविवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री परिषद की बैठक होगी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक में जनकल्याण की योजनाओं पर मंथन होगा। इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है।

कल दिल्ली में होंने वाली इस बैठक में ग्रामीण विकास की योजनाओं पर मंथन होगा। कृषि विकास की योजनाओं, खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाया जाए इस पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा जनकल्याण की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी बैठक में चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश में कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती का पाठयक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। स्नातक और डिग्री कोर्स जैसे जैविक खेती के सिद्धांत , जैविक खेती के सिंद्धांत एवं व्यवहार विषय पढ़ाया जा रहा है।  स्नातकोत्तर डिग्री प्रारंभ करने का प्रस्ताव भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली को भेजा जा चुका है। प्रदेश में दस हजार किसान उत्पादक संगठनों का गठन और संवर्धन किया गया है।  कुल 263 नवीन एफपीओ का गठन करने के लक्ष्य के विरुद्ध 190 एफपीओ गठित किए जा चुके है। प्रदेश में 59 हजार 73 किसानों ने एक लाख 89 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक कृषि हेतु पंजीयन कराया है। मध्यप्रदेश प्राकृतिक कृषि विकास योजना नामक नवीन योजना शुरु की गई है । इसके जरिए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।प्रदेश में कृषक प्रशिक्षण, भ्रमण, प्रदर्शन, फार्म स्कूल, कृषक रुचि समूह जैसी गतिविधियां अनिवार्य की जा रही है।

भविष्य की योजनाओं पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मध्यप्रदेश में कृषि और ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं पर मध्यप्रदेश में किए गए कामों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो माह पहले विभिन्न विभागों के  वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीएम कान्क्लेव  के निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा की थी। मध्यप्रदेश सीएम कान्क्लेव के निर्णयोे के क्रियान्वयन में तेजी से काम कर रहा है। यह कान्क्लेव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में तेरह और चौदह दिसंबर को वाराणसी में हुआ था।