रायपुर
छत्तीसगढ़ चेम्बर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने जीएसटी कॉउंसिल द्वारा किसी भी प्रकार का मार्का लगे हुए खाद्यान्न, बटर, दही, लस्सी आदि को 5 प्रतिशत के कर स्लैब में लाने से व्यापारियों एवं आम नागरिकों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव से अवगत कराने हेतु वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव को ज्ञापन सौंपा। सिंहदेव ने इस विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए उचित कदम उठाने की बात कही।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि अब तक ब्रांडेड नहीं होने पर विशेष खाद्य पदार्थों, अनाज आदि को जीएसटी से छूट दी गई थी। कॉउन्सिल के इस निर्णय से प्री-पैक, प्री-लेबल वस्तुओं को अब जीएसटी के कर दायरे में लाया गया है । अनब्रांडेड प्रीपैक्ड खाद्यान्नों जैसे आटा,पोहा  इत्यादि पर 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी का प्रावधान किया गया है जिससे पुरे देश भर में 6500 से अधिक अनाज मंडियों में खाद्यान्न व्यापारियों के व्यापार में बड़ा अवरोध आ रहा है। इस निर्णय का वित्तीय बोझ आम लोगों पर किस प्रकार से पड़ेगा इस दिशा में कोई विचार नहीं किया गया है । देश में केवल 15 प्रतिशत आबादी ही बड़े ब्रांड का सामान उपयोग करती है जबकि 85 प्रतिशत जनता बिना ब्रांड या मार्का वाले उत्पादों से ही जीवन चलाती है । जीवन यापन की आम वस्तुओं को कर के दायरे में लाने से इसका पूरा बोझ गरीब और मध्यम वर्गीय जनता पर पड़ रहा है ।

प्रतिनिधि मंडल में चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राम मंधान, मंत्री- गोविंद माहेश्वरी, जवाहर थारानी, डुमरतराई व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष हरीश दरयानी, उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, रायपुर दाल मिल एसोसियेशन के अध्यक्ष संजीत गोयल, महासचिव नानक तनवानी, रायपुर आटा चक्की एसोसियेशन के अध्यक्ष रवि रंगलानी एवं सचिव संजय शादीजा प्रमुख रूप से शामिल थे।