भोपाल
 प्रदेश में इस बार ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन लगभग 17 लाख टन हुआ है। केंद्र सरकार ने दो लाख 27 हजार टन मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदने की अनुमति दी है लेकिन शिवराज सरकार इसे बढ़ाकर चार लाख टन करने की मांग कर रही है।

इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात भी कर चुके हैं पर अभी तक कोई दिशानिर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। अब कृषि मंत्री कमल पटेल सोमवार को केंद्रीय मंत्री से मुलाकात करके लक्ष्य में वृद्धि करने का आग्रह करेंगे। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने मूंग की खरीदी अब तक प्रारंभ न होने पर आरोप लगाया है कि सरकार किसानों धोखा को दे रही है।

प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, रायसेन सहित कुछ जिलों में होती थी लेकिन आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद होने के कारण इसका विस्तार 30 जिलों तक हो गया है। इस वर्ष प्रदेश में 12 लाख हेक्टेयर में मूंग की बोवनी की गई थी। कृषि विभाग का अनुमान है कि 17 लाख टन मूंग का उत्पादन हुआ है। पिछले साल सरकार ने साढ़े तीन लाख टन से ज्यादा मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी थी। इस आधार पर केंद्र सरकार से चार लाख टन मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदने की अनुमति देने की मांग की थी।

केंद्र सरकार ने दो लाख 27 हजार टन मूंग खरीदने की अनुमति दी लेकिन सरकार उत्पादन को देखते हुए इसे चार लाख टन की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मूल्य स्थिरीकरण मद से उपार्जन करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के हित में अधिक से अधिक मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदने का लक्ष्य प्राप्त करने के प्रयास में है। सोमवार को केंद्रीय मंत्री और अधिकारियों से इस संबंध में मुलाकात भी करूंगा।

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साल सरकार ने मूंग की खरीदी की थी, जिससे किसान प्रोत्साहित हुए और अधिक क्षेत्र में बोवनी की। उत्पादन भी अच्छा हुआ लेकिन अभी तक सरकार ने किसानों का पंजीयन ही नहीं किया है। मंडी में मूंग का प्रति क्विंटल मूल्य पांच से छह हजार रुपये के बीच है। जबकि, समर्थन मूल्य सात हजार 275 रुपये है। उन्होंने सरकार से समर्थन मूल्य पर तत्काल मूंग खरीदने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है।