Category: उत्तर प्रदेश

  • UP के किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, ₹6 लाख तक का लोन सिर्फ 6% ब्याज पर

    UP के किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, ₹6 लाख तक का लोन सिर्फ 6% ब्याज पर

    लखनऊ
     किसानों के बहुउपयोगी योजना के रूप में उभर कर सामने आई किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ प्रदेश के लाखों किसानों ने उठाया, लेकिन केसीसी का लाभ लेने वालों में डिफाल्टरों की संख्या बढ़ गई, जो बैंक और शासन दोनों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा था। ऐसे में योगी सरकार ने इसके समाधान और किसानों को सुविधा के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की शुरूआत की है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है।

    क्या है मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना?
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की घोषणा की थी, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की ओर से किसानों को कम ब्याज पर लोन दिया जाता है।

    सरकार का मानना है रियायती ब्याज दर पर ऋण प्राप्त होने से किसान ऋणमाफी की मानसिकता से बाहर निकलेंगे और दीर्घकालीन पूंजी निवेश कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित होंगे।

    ऋण पर पांच प्रतिशत का अनुदान
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण सिर्फ छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिया जाएगा। राज्य सरकार ऋणों पर पांच प्रतिशत अनुदान देगी। यह अनुदान उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित अवधि के अंदर किस्तें अदा कर रहे हैं।

    बता दें कि नाबार्ड उच्च ब्याज दर (11 से 11.50 प्रतिशत) पर ऋण देता है, जिसका भुगतान कई बार किसान नहीं कर पाते थे। ऐसे में प्रस्तावित योजना के अंतर्गत लघु किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत रियायती वार्षिक ब्याज की दर से दिया जाएगा

    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की पात्रता
    योगी सरकार किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में ही यह योजना लॉन्च की गई। योजना का लाभ लेने के लिए किसान को उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है ओर साथ ही उसके पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए और सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का का दस्तावेज हों।

    पांच साल से अधिक ऋण अवधि का विकल्प
    ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से चलाई जाएगी। बैंक द्वारा किसानों को दीर्घकालिक ऋण न्यूनतम ब्याज पर दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार ब्याज पर अनुदान देगी, जिससे खेती किसानी के लिए लिया जाने वाला यह ऋण काफी सस्ता पड़ेगा। ऋण पांच साल और उससे अधिक अवधि के लिए दिया जाएगा।

    बता दें कि 15 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट की बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालिक ऋण की विशेष सुविधा देने के लिए बनाई मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।

  • सपा राज की गुंडागर्दी पर योगी सरकार ने लगाया ब्रेक’, मंत्री असीम अरुण का अखिलेश पर तीखा हमला

    सपा राज की गुंडागर्दी पर योगी सरकार ने लगाया ब्रेक’, मंत्री असीम अरुण का अखिलेश पर तीखा हमला

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा सुप्रीमो वहां की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जहां की व्यवस्था पूरे देश के लिए मानक बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाहर कहीं भी जाइए, लोग उत्तर प्रदेश जैसी कानून व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए धन्यवाद भी दिया।

    पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय की कानून व्यवस्था से तुलना करते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जो स्थिति थी, वह किसी से छिपी नहीं है। लूट, डकैती, अपहरण और माफियागर्दी चल रही थी। योगी जी ने इसे व्यवस्थित तरीके से रोका और समाप्त किया। उन्होंने सरकार के अगले एजेंडे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसे अपराध की सफाई हुई, उसी तरह अब योगी सरकार भ्रष्टाचार की सफाई में जुटी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसमें भी निर्णायक सफलता मिलेगी।

    आरक्षण को लेकर भी सपा को घेरा

    सरकारी भर्तियों पर असीम अरुण ने कहा कि सपा सरकार के समय नियमित भर्तियां हुई ही नहीं। जो हुईं, उनमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। आउटसोर्सिंग की भर्तियों में आरक्षण की व्यवस्था सपा ने खत्म कर दी। योगी जी का धन्यवाद कि आज प्रदेश में लाखों भर्तियां हो रही हैं और इनमें आरक्षण के नियमों को पूरी ईमानदारी और सख्ती से लागू किया जा रहा है। सपा ने आउटसोर्सिंग में जो आरक्षण समाप्त किया था, योगी सरकार ने उसे पूरी तरह लागू किया है। आउटसोर्सिंग कॉरपोरेशन भी बना दिया गया है, ताकि नियमित भर्तियों और आउटसोर्सिंग दोनों में आरक्षण जमीन पर लागू हो।

    महापुरुषों के सम्मान पर मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब और अन्य सामाजिक नायकों की प्रतिमाओं के लिए योगी जी ने मूर्ति विकास योजना दी है। प्रत्येक विधानसभा को एक-एक करोड़ रुपये दिए गए हैं। मूर्तियों के जीर्णोद्धार, सुधार और सुंदरता के लिए दस-दस लाख रुपये तक खर्च किए जा सकते हैं। इसके विपरीत सपा सरकार के समय अखिलेश यादव ने महापुरुषों के अपमान में कोई कसर नहीं छोड़ी चाहे जिले हों, मेडिकल कॉलेज हों या कन्नौज का इंजीनियरिंग कॉलेज, हर जगह अपमान का काम हुआ।

    जब बाबा साहेब का अपमान हो रहा था तब हंस रहे थे अखिलेश

    उन्होंने कहा कि सपा जो फर्जी आंकड़े दिखा रही है, उनकी कोई वैल्यू नहीं है। कैबिनेट मंत्री और सुपर सीएम कहे जाने वाले आजम खान ने बाबा साहेब पर अभद्र टिप्पणी की थी और उस समय अखिलेश यादव मंच पर बैठे हंसते रहे। यह सबके सामने है। बस के ऊपर आज कोई भी रंग लगा लीजिए, सबको 2017 वाली बस का रंग भी याद है और वह बस किस तरह फंसी, यह भी याद है।

    रोजगार के सवाल पर असीम अरुण ने कहा कि सपा युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का आरोप लगा रही है। आज व्यापक स्तर पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं, प्राइवेट सेक्टर तेजी से बढ़ा है, कृषि में विस्तार हुआ है। युवाओं के पास काम या नौकरी की कमी नहीं है। बच्चे सरकारी नौकरी कर रहे हैं, प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं और स्वावलंबन से खुद व्यवसाय और स्टार्टअप चला रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया कि ऐसा माहौल बना जिससे यह सफलता मिली।

  • इंडियास्किल्स प्रतियोगिता के लिए अब 22 सितंबर तक करें आवेदन

    इंडियास्किल्स प्रतियोगिता के लिए अब 22 सितंबर तक करें आवेदन

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2026-27 में प्रतिभाग करने के इच्छुक युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 सितंबर 2026 कर दी गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि तक अपना पंजीकरण अवश्य करा लें।

    इच्छुक अभ्यर्थी स्किल इंडिया डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी पंजीकरण किया जा सकता है। तिथि बढ़ाए जाने से प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

    जिला स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक प्रतिभा दिखाने का अवसर

    इंडियास्किल्स प्रतियोगिता युवाओं को अपनी व्यावसायिक एवं तकनीकी दक्षता प्रदर्शित करने के लिए व्यापक मंच उपलब्ध कराती है। प्रतियोगिता की प्रक्रिया जिला स्तर से शुरू होकर मंडल, राज्य, रीजनल और राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ती है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिल सकता है। प्रतियोगिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन, कोडिंग, वेल्डिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित विभिन्न कौशल क्षेत्रों में प्रतिभागियों को अपनी दक्षता प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

    पदक के साथ पुरस्कार राशि भी

    प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पदक के साथ पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाती है। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता को 20 हजार रुपये, रजत पदक विजेता को 15 हजार रुपये और कांस्य पदक विजेता को 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं रीजनल स्तर पर यह पुरस्कार राशि क्रमशः 75 हजार, 50 हजार और 25 हजार रुपये है। राष्ट्रीय स्तर पर सफल प्रतिभागियों को इससे अधिक पुरस्कार राशि के साथ विशेष सम्मान प्राप्त होता है।

    विशेषज्ञों से प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी

    इंडियास्किल्स में प्रतिभाग करने वाले युवाओं को उनकी संबंधित स्किल के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से प्रतिभागियों की क्षमता को निखारने का प्रयास किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को आगे वर्ल्डस्किल्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकता है।

    कौशल के साथ रोजगार और आय के अवसर

    यह पहल युवाओं को केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखती, बल्कि कौशल आधारित करियर के नए अवसरों से भी जोड़ती है। इंडियास्किल्स की प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षकों और असेसरों की आवश्यकता होती है। पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विजेताओं को प्रशिक्षक और असेसर के रूप में कार्य करने के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आईटीआई में प्रशिक्षक के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अनुसार, इंडियास्किल्स प्रतियोगिता युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने और कौशल आधारित करियर की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देती है। तिथि बढ़ाए जाने से अब अधिक युवाओं को इसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा।

  • हॉक की उड़ान, दिलों में अरमान, आसमान में तिरंगा बना तो गूंजा जय हिंदुस्तान

    हॉक की उड़ान, दिलों में अरमान, आसमान में तिरंगा बना तो गूंजा जय हिंदुस्तान

    मेरठ

    रविवार की सुबह लगभग साढे़ बजे आसमान में सबसे पहले विमानों की गूंजती गर्जना सुनाई दी… फिर देखते ही देखते नौ विमान एक साथ नजर आए और हजारों निगाहें वहीं ठहर गईं। पलक झपकते विमान नीचे आए, तेजी से पलटे और फिर आसमान की ऊंचाई में पहुंच गए। कुछ क्षण बाद धुएं की लकीरों ने आसमान पर तिरंगा उकेर दिया। करीब 100 फीट की ऊंचाई पर विमानों ने दिल की आकृति बनाई तो न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप तालियों और जय हिंद के नारों से गूंज उठी। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम के एयर शो का रविवार को दूसरा दिन था। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो ने प्रदेश में युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, अनुशासन और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को भी नई ऊर्जा दी। करतबों के बीच मैदान लगातार तालियों और ‘भारत माता की जय’, ‘जय हिंद’ के नारों से गूंजता रहा।

    पांच मीटर के फासले पर क्रास हुए विमान

    सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एयर शो के दूसरे दिन शनिवार की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ थी। वायुसेना ने लगभग 30 मिनट तक रोमांच और शौर्य से भरा हवाई प्रदर्शन किया। हर करतब के साथ भारत माता की जय और जय हिंद के नारे वातावरण में गूंजते रहे। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर आए हॉक एमके-132 विमानों ने ऐसा तालमेल दिखाया कि दर्शकों की आंखें कुछ देर के लिए जैसे आसमान पर जम गईं। कई बार दो विमान एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर साथ उड़ते दिखाई दिए। कभी विमान तेजी से नीचे आते और उसी रफ्तार में ऊपर उठ जाते तो कभी दो विमान आमने-सामने से क्रास होते हुए नजर आए। यह दृश्य आते ही मैदान में मौजूद लोगों के मुंह से अनायास चीख निकल गई और अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी।

    बच्चों और युवाओं में एयर शो का अलग ही उत्साह दिखाई दिया। कोई हाथ से विमानों की दिशा बताता रहा तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए रहा। बच्चों ने कहा कि विमान इतनी तेजी से कलाबाजी कर रहे थे कि आंखें हटाने का मन ही नहीं हुआ। कई बच्चों ने इसे पहली बार प्रत्यक्ष देखा और कहा कि प्रदर्शन ने उन्हें वायुसेना के बारे में जानने तथा देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी।

    तीन दशक से शौर्य दिखा रही सूर्यकिरण: रक्षा राज्य मंत्री
    दूसरे दिन एयरशो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ रहे। उन्होंने कहा कि सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम करीब 30 वर्षों से देश-दुनिया के अलग-अलग स्थानों पर अपने प्रदर्शन से भारतीय वायुसेना की क्षमता का परिचय दे रही है। उन्होंने कहा कि आसमान में दिखने वाला यह प्रदर्शन केवल रोमांच नहीं, बल्कि साहस, पराक्रम, धैर्य और अनुशासन का परिचय है। ऐसे आयोजन युवाओं को सेना और वायुसेना से जुड़कर राष्ट्रसेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ में सूर्यकिरण का प्रदर्शन युवाओं के लिए उत्साह बढ़ाने वाला अवसर रहा। उन्होंने कहा कि सेना के जवान कठिनतम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वायुसेना के पायलट आसमान में जिस कौशल का प्रदर्शन करते हैं, उससे भारतीय सैन्य शक्ति का एक अलग आयाम सामने आता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरणा देते हैं।

    राज्य मंत्री डा. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि सेना प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। मेरठ क्रांति की धरती है और यहां सेना के प्रति लोगों का जुड़ाव हमेशा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।
    इस दौरान विधानपरिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज, विधानपरिषद सदस्य अश्वनी त्यागी, डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी डॉ़ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तथा भारी संख्या में आम जनमानस  मौजूद रहे।

    दूसरे दिन भी मेरठ के तीन पायलटों का जलवा

    सूर्यकिरण के इस प्रदर्शन में मेरठ से जुड़े तीन पायलटों की भी भूमिका रही। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर राहुल सिंह ने विमानों को उड़ाया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से प्रदर्शन के संचालन की कमान संभाली। स्थानीय पायलटों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।

    रास्ते में रुककर भी देखा शो, बाद में दो किमी तक जाम

    एयर शो देखने के लिए सुबह से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। परिवारों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया था। इसके बावजूद कार्यक्रम खत्म होने के बाद वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। आसपास की सड़कों पर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। कई लोग कार्यक्रम स्थल तक पहुंच ही नहीं सके और रास्ते में खड़े होकर आसमान में करतब देखते रहे। शो की यादें मोबाइल में कैद कर लौट रहे लोगों की राह कुछ पल के जाम ने जरूर रोक दी, लेकिन चेहरों पर एयर शो का रोमांच देर तक बना रहा।

    हर उम्र के चेहरे पर दिखाई दिया रोमांच

    हर उम्र के लोगों पर एयर शो का रोमांच दिखाई दिया। सबसे ज्यादा बच्चे रोमांचित नजर आए। विमान की गर्जना सुनते ही बच्चे आसमान की ओर उंगली उठाकर एक-दूसरे को विमान दिखाते रहे। जैसे ही दो विमान बेहद कम दूरी से आमने-सामने क्रास हुए, कई बच्चों के मुंह से एक साथ ‘ओह…’ निकल पड़ा। अगले ही पल तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। छात्र अविरल ने उत्साहित होकर कहा, जब दोनों विमान एक-दूसरे की तरफ आए तो लगा अब क्या होगा, लेकिन पायलट ने इतनी तेजी से विमान मोड़ा कि हम देखते ही रह गए।

    छात्रा अनन्या ने कहा, मैं एक भी करतब मिस नहीं करना चाहती थी। विमान आते ही मोबाइल ऊपर कर देती थी। जब तिरंगा बना तो सच में बहुत अच्छा लगा, उस समय वीडियो बनाना भी भूल गई और बस आसमान देखती रह गई। सौरभ ने कहा, पहले विमान सिर्फ टीवी और वीडियो में देखे थे, लेकिन आज सामने से इतनी ऊंचाई पर उड़ते देखा तो लगा जैसे कोई फिल्म चल रही हो। सबसे ज्यादा मजा तब आया जब सारे विमान एक साथ घूमे।

  • यूपीपीसीएस-2025: 23 सितंबर से शुरू होगा विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम

    यूपीपीसीएस-2025: 23 सितंबर से शुरू होगा विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की यूपीपीसीएस-2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए विशेष अवसर मिलेगा। समाज कल्याण मंत्रालय की पहल पर 23 सितंबर से विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार के लिए तैयार करना और उनके व्यक्तित्व, संचार कौशल व आत्मविश्वास को निखारना है। कार्यक्रम का आयोजन गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन में किया जाएगा।

    आईएएस-पीसीएस अधिकारी और विशेषज्ञ बताएंगे इंटरव्यू की बारीकियां

    मॉक इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) से जुड़े आईएएस-पीसीएस अधिकारी और विषय विशेषज्ञ अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। इसमें साक्षात्कार की तैयारी की रणनीति, सवालों के प्रभावी जवाब देने, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, संचार कौशल और आत्मविश्वास बनाए रखने जैसे पहलुओं पर अभ्यास कराया जाएगा। अभ्यर्थियों को अपनी कमियों की पहचान कर उन्हें सुधारने का अवसर भी मिलेगा। कई चरणों में संचालित होने वाला यह कार्यक्रम अभ्यर्थियों को वास्तविक इंटरव्यू के माहौल से परिचित कराने में मदद करेगा।

    मनोरंजन, खेलकूद और जिम की उपलब्ध कराई जा रही सुविधा

    प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सुविधाजनक बनाने के लिए समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से आठ आवासीय कोचिंग केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज और अध्ययन सामग्री जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इसके साथ मनोरंजन, खेलकूद और जिम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

    निःशुल्क मॉक इंटरव्यू में सभी वर्गों के सफल अभ्यर्थियों को अवसर

    समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि यह मॉक इंटरव्यू निःशुल्क होगा। समाज कल्याण विभाग के छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन और प्रदेश के अन्य परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थी भी इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा यूपीपीसीएस-2025 मुख्य परीक्षा में सफल किसी भी वर्ग के इच्छुक अभ्यर्थी मॉक इंटरव्यू में शामिल हो सकेंगे। इस पहल के जरिए प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को परीक्षा के अगले और महत्वपूर्ण चरण के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है।

  • LPG Cylinder पर बड़ा अपडेट, 1 अक्टूबर से Aadhaar Biometric Authentication होगा अनिवार्य

    LPG Cylinder पर बड़ा अपडेट, 1 अक्टूबर से Aadhaar Biometric Authentication होगा अनिवार्य

    नई दिल्ली
     पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी (LPG) रिफिल के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (Biometric Aadhaar Authentication – BAA) को अनिवार्य करने की घोषणा की है। यह नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा। मंत्रालय के अनुसार, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी और दोहराए गए कनेक्शनों को खत्म करना है ताकि सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।

    89.9 प्रतिशत उपभोक्ता करा चुके हैं ऑथेंटिकेशन
    मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के लगभग 27.43 करोड़ उपभोक्ता (89.9 प्रतिशत) पहले ही अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करा चुके हैं। जिन लोगों ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है और उनकी सिलेंडर बुकिंग पहले की तरह जारी रहेगी।

    1 अक्टूबर से क्या बदलेगा?
    जिन्होंने ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उनके लिए प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी और वे रियायती दर पर सिलेंडर बुक कर सकेंगे। वहीं, जिन्होंने ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, उनके लिए सब्सिडी वाली तय दर (आरएसपी) पर सिलेंडर बुकिंग ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद ही संभव हो पाएगी।

    ऑथेंटिकेशन पूरा करने के आसान तरीके
    उपभोक्ता निम्नलिखित तीन में से किसी भी तरीके से अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं…

        सिलेंडर डिलीवरी के समय: डिलीवरी बॉय मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकता है।
        डिस्ट्रिब्यूटर के शोरूम पर: उपभोक्ता सीधे अपने एलपीजी वितरक (एजेंसी) के शोरूम पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करा सकते हैं।
        ओएमसी के मोबाइल ऐप द्वारा: उपभोक्ता घर बैठे कंपनियों के आधिकारिक ऐप के माध्यम से खुद भी e-KYC कर सकते हैं…

        इंडेन (Indane) ग्राहक: IndianOil ONE ऐप
        भारतगैस (Bharatgas) ग्राहक: HelloBPCL ऐप
        एचपी गैस (HP Gas) ग्राहक: HP PAY ऐप

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी वास्तविक लाभार्थी को एलपीजी सेवा से वंचित करना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।

     

  • अमेरिका, ब्रिटेन,जर्मनी समेत दुनिया के दिग्गजों का लखनऊ में होगा ‘टेक महाकुंभ’

    अमेरिका, ब्रिटेन,जर्मनी समेत दुनिया के दिग्गजों का लखनऊ में होगा ‘टेक महाकुंभ’

    लखनऊ

    अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत दुनिया के विभिन्न देशों के उद्यमी, टेक विशेषज्ञ और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि अगले महीने लखनऊ में जुटेंगे। मौका होगा उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में 23 से 25 अक्टूबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय इंटरनेशनल डायलॉग 2026 का। देश-दुनिया के करीब 1,200 नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप, न्यायिक व पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डाटा सुरक्षा और कानूनी अनुपालन तक भविष्य की तकनीकों पर यहां मंथन होगा। 

    यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के युवाओं को नई टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे रोजगार तथा नए अवसरों की असीम संभावनाएं बनेंगी। इसी उद्देश्य से इंटरनेशनल डायलॉग के जरिए नीति, उद्योग और शिक्षा जगत को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी है। अब इनोवेशन और रोजगारपरकता के जरिए विकसित भारत की संकल्पना को साकार किया जाएगा।

    सबसे अधिक जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि शैक्षणिक संस्थान रिसर्च और प्रतिभा तैयार करें और युवाओं के लिए इंटर्नशिप, रोजगार तथा नए अवसरों का रास्ता खुले।

    फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणाली समझने का मिलेगा मौका

    तीन दिन के इस वैश्विक संवाद के केंद्र में ऐसी तकनीकें होंगी, जो आने वाले वर्षों में उद्योग से लेकर सुरक्षा और न्याय व्यवस्था तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3-डी प्रिंटिंग के साथ क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम कम्युनिकेशन पर चर्चा की जाएगी। पोस्ट-क्वांटम तैयारियों और इस क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमता विकसित करने जैसे विषय भी विमर्श का हिस्सा होंगे। इसी तरह फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणालियों पर दुनिया भर के विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा डाटा प्रोटेक्शन, प्राइवेसी, ऑडिट, गवर्नेंस और लीगल कंप्लायंस के जरिए नई तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर रहेगा।

    उद्योग से होगा सीधा संवाद

    23 अक्टूबर का पहला दिन टैलेंट एंड इंडस्ट्री एंगेजमेंट के नाम रहेगा। इसका फोकस विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों को सीधे उद्योग जगत से जोड़ने पर होगा। कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान इंटर्नशिप और प्लेसमेंट से लेकर भविष्य में जरूरी कौशल, तकनीकी मार्गदर्शन और मास्टरक्लास तक आयोजित करने की योजना है। तकनीकी प्रदर्शन के साथ स्टार्टअप को भी मंच मिलेगा। उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच रिसर्च, पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके पीछे सोच युवाओं को केवल डिग्री देने तक सीमित न रहकर उन्हें उद्योग और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की है।

    पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और होगा नॉलेज एक्सचेंज

    24 अक्टूबर इंटरनेशनल डायलॉग का मुख्य समिट दिवस होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और स्टार्टअप की भागीदारी की योजना है। इस दौरान पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और नॉलेज एक्सचेंज जैसे कार्यक्रम होंगे। विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन तथा साझा शोध की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। इसका मकसद नीति बनाने वालों और तकनीक विकसित करने वालों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।

    युवाओं के लिए इंटर्नशिप से प्लेसमेंट तक का मंच : डॉ. जीके गोस्वामी

    यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि समिट का एक बड़ा हिस्सा रोजगार और भविष्य के कौशल पर केंद्रित होगा। युवा पेशेवरों और विद्यार्थियों को मेंटर्स तथा उद्योग के विशेषज्ञों से जोड़ने के साथ इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और उद्यमिता नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकसित करने पर भी बातचीत होगी। इसके जरिए यूपीएसआईएफएस ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहता है, जिसमें शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले युवा आधुनिक तकनीक को केवल सैद्धांतिक रूप से न जानें, बल्कि उसका व्यावहारिक इस्तेमाल भी समझें।

    किताबों से लैब तक कानून, यूपीएसआईएफएस दिखाएगा 'लॉ विथ लैब्स'

    इंटरनेशनल डायलॉग में यूपीएसआईएफएस का 'लॉ विथ लैब्स' मॉडल भी प्रमुखता से सामने आएगा। इसकी अवधारणा कानून की पढ़ाई को वैज्ञानिक साक्ष्य और उभरती आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ने की है। यानी कानून की समझ से प्रयोगशाला, वैज्ञानिक साक्ष्य और अंततः न्याय तक की पूरी कड़ी। संस्थान में फॉरेंसिक डीएनए के साथ एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3-डी प्रिंटिंग, साइबर फॉरेंसिक और एडवांस डिजिटल डायग्नोस्टिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़ी प्रयोगशालाएं हैं। जिसका उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो तकनीक के इस्तेमाल के साथ उससे जुड़े कानूनी और अनुपालन संबंधी पहलुओं को भी समझ सकें।

    कंपनियों और स्टार्टअप के लिए भी खुलेगा मंच

    टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप, लॉ फर्म, लीगल-टेक कंपनियों और कंप्लायंस से जुड़े संस्थानों को आयोजन में भागीदार बनने का अवसर दिया गया है। इसके लिए सिल्वर श्रेणी में पांच लाख रुपये या अधिक, गोल्ड में आठ लाख रुपये या अधिक और प्लेटिनम में 12 लाख रुपये या अधिक की श्रेणियां निर्धारित हैं। भागीदारी के जरिए टैलेंट डेवलपमेंट, तकनीकी प्रदर्शन, रिसर्च, प्रशिक्षण और पॉलिसी डायलॉग से जुड़ने के अवसर प्रस्तावित हैं। टैलेंट डेवलपमेंट, रिसर्च, इनोवेशन और पॉलिसी सपोर्ट के लिए आगे का रोडमैप तैयार करने की योजना है। यूपीएसआईएफएस इसमें सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सेतु की भूमिका निभाएगा।

  • योगी सरकार में साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की पहल, 75 जिलों में 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा

    योगी सरकार में साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की पहल, 75 जिलों में 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की पहुंच को समाज के प्रत्येक वर्ग तक विस्तार देने के प्रयासों के क्रम में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को मूलभूत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परिषदीय विद्यालयों के साथ कारागारों और बाल सुधार गृहों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए, जिससे साक्षरता अभियान को समाज के विविध वर्गों तक पहुंचाया जा सके।

    ज्ञात हो कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना है। रविवार को हुई परीक्षा के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साक्षरता की इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। विद्यालयों, कारागारों और बाल सुधार गृहों तक पहुंचे इस अभियान के माध्यम से पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता को जीवन के आवश्यक कौशल से जोड़ने की दिशा में प्रयास आगे बढ़ाया गया है।

    75 जिलों में एक साथ परखी गई साक्षरता

    उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित परीक्षा में शिक्षार्थियों के मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा संपन्न कराई गई। लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों की सहभागिता ने प्रदेश में संचालित वयस्क साक्षरता अभियान के व्यापक दायरे को रेखांकित किया।

    विद्यालय से कारागार तक पहुंचा साक्षरता का संदेश

    इस परीक्षा की विशेषता यह रही कि साक्षरता का अवसर परिषदीय विद्यालयों तक सीमित न रहकर कारागारों एवं बाल सुधार गृहों तक भी पहुंचा। अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों से आने वाले शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से इन स्थानों पर भी परीक्षा आयोजित की गई।

    चंदौली और जौनपुर में भारत सरकार की टीम ने किया निरीक्षण

    परीक्षा के निरीक्षण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार की टीम जनपद चंदौली एवं जौनपुर में उपस्थित रही। टीम द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

    राज्य मुख्यालय से तीन जिलों में पहुंची निगरानी टीम

    प्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय/राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से भी अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों में पहुंचकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी, शिक्षा निदेशक बेसिक/साक्षरता ने जनपद लखनऊ, श्रीमती नीलम, उप निदेशक, साक्षरता ने जनपद प्रतापगढ़ तथा श्रीमती प्रतिमा मिश्रा, सहायक निदेशक, साक्षरता ने जनपद सोनभद्र में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।

  • यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

    यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और मेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में यूपी नीट यूजी-2026 की दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में संचालित एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम की स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेगी। आधिकारिक यूपी नीट पोर्टल पर भी दूसरे चरण की काउंसलिंग से संबंधित अधिसूचना उपलब्ध है। 

    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की मेरिट सूची 21 सितंबर, 2026 को जारी होगी। इसके बाद अभ्यर्थी 21 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। सीट आवंटन परिणाम 25 सितंबर को जारी किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थी 26 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2026 तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण में सीटों का आवंटन दूसरे चरण की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। काउंसलिंग के लिए पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तें लागू रहेंगी।

    पहले चरण में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत

    शासन के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रथम चरण की काउंसलिंग के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों में जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश ले लिया है, उनका प्रवेश यथावत रहेगा। इससे प्रथम चरण में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 4 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था से संबंधित मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए संबंधित निर्णयों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों से नीट यूजी-2026 काउंसलिंग से जुड़ी अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट upneet.gov.in और dgme.up.gov.in को नियमित रूप से देखने की अपील की है।

    योगी सरकार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को मिला व्यापक आधार

    योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे और मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्तमान यूपी नीट यूजी-2026 काउंसलिंग पोर्टल पर प्रदेश के अनेक राजकीय एवं निजी मेडिकल संस्थान सूचीबद्ध हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायालयीन निर्देशों, शासन के निर्णयों और निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। 

    हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी
    हेल्पलाइन: 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699, 8189011700
    समय: प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

  • आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

    आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरक्षण, दलित समाज और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर भाजपा सरकार पर लगे आरोपों का उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा जवाब दिया है। एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा कि सपा के मुखिया प्रदेश की राजधानी में बैठकर प्रतिदिन प्रदेश और सम्मानित जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनके पास जनता के बीच जाने का समय नहीं है, जनता के बीच जाएंगे भी नहीं।

    राजभर ने कहा कि आज सपा आरक्षण की बात कर रही है, जबकि उनकी चार सरकारों में पिछड़ों और दलितों के आरक्षण की जितनी डकैती हुई, उतनी शायद ही कभी हुई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं। सपा ने सारे पिछड़ों और अति पिछड़ों का आरक्षण चुराया। जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब-तब आरक्षण की मलाई एक जाति विशेष के लोगों को दी गई। पूरी मलाई खाकर आज ये आरक्षण और बाबा साहब की बात कर रहे हैं।

    आजम खान पर अनिल राजभर का हमला 

    उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 का दौर याद करना चाहिए। यह साजिश है। समाजवादी पार्टी गुंडों को आगे करके समाज में वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश कर रही है। राजभर ने कहा कि अब इसकी भी जांच होगी कि समाजवादी पार्टी के किस गुंडे ने कहां मूर्ति खंडित की। उन्होंने सपा से अपने गिरेबान में झांकने को कहा और आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा के संरक्षण में बाबा साहब की मूर्तियों को खंडित करने का काम हुआ।

    दोहरे चरित्र के लोग हैं सपाई

    मंत्री ने सवाल किया कि बाबा साहब को भूमाफिया किसने बताया? उन्होंने कहा कि सपा के तत्कालीन मंत्री आजम खान ने बाबा साहब को प्रदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया बताया था। जहां बाबा साहब की मूर्तियां लगी हैं और उनके नाम के पार्क बने हैं, वहां यह कहा गया मानो दलित समाज ने उन पर कब्जा कर लिया हो और बाबा साहब सबसे बड़े भूमाफिया हों। राजभर ने कहा कि आज इन्हीं लोगों को बाबा साहब और दलित समाज याद आ रहे हैं। ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं और बाबा साहब को अपमानित करने वाले आज उनके सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता जनता को कितना नासमझ समझते हैं, यह उनके बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर आता है।

    प्रतिदिन बदल रहे पीडीए का परिभाषा

    राजभर ने कहा कि चिंता न करें, समाज गुमराह होने वाला नहीं है। प्रदेश उनके असली चेहरे को अच्छी तरह जानता है। पीडीए में दलित का ‘डी’ है, कल क्या कहेंगे पता नहीं। अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इतना कन्फ्यूज नेता तो हम लोगों ने देखा ही नहीं। प्रतिदिन पीडीए की परिभाषा बदल रहे हैं। जनता सब कुछ देख और समझ रही है। समाजवादी पार्टी की दाल नहीं गलने वाली, निश्चिंत रहें।