तेहरान
 ईरान ने यूनाइटेड किंगडम के डेप्युटि हेड को गिरफ्तार कर लिया है। ईरान मिशन में यूके के डेप्युटि हेड जाइल्स व्हाइटेकर पर जासूसी का आरोप है जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार जाइल्स पर जासूसी के आरोप हैं, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने यूके के राजनयिक को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया है। आरोप है कि एक मिसाइल अभियान के दौरान प्रतिबंधित इलाके से उन्होंने मिट्टी का सैंपल लिया था, इसके अलावा उन्होंने देश में जासूसी की थी।

 
जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार आईआरजीसी ने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमे दिखाया गया है कि यूके के राजनयिक ईरान के सैन्य स्थल के पास थे, जहां पर मिसाइल एक्सरसाइज चल रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनयिक ने माफी मांगी है, जिसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। दावा किया गया है कि राजनयिक अक्सर सैन्य स्थल पर जाते थे और यहां पर हथियारों व औजारों की पहचान करते थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राजनयिक इंटरनेशनल एटोमिक एनर्जी एजेंसी में ईरान के खिलाफ एक नई सैन्य नजरिया तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।
 
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जबक ईरान और अन्य शक्तिशाली देशों के बीच इस बात को लेकर बाचतीच चल रही है कि ईरान को एक पार फिर से जेसीपीओए में वापस लाया जाए, जिसे इन देशों ने रोक रखा है। ईरान ने जेसीपीओए पर जुलाई 2015 में हस्ताक्षर किए थे और इस बात पर राजी हुआ था कि वह अपने परमाणु अभियान को कम करेगा और इसके बदले में ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाएगा। हालांकि अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2018 में यह समझौता खत्म कर दिया था और एक बार फिर से ईरान पर प्रतिबंध लगा दिए थे।

ईरान ने एक बार फिर से अप्रैल 2021 में वियना में इसको लेकर बातचीत शुरू की थी, लेकिन इस साल मार्च माह में अमेरिका के साथ राजनीतिक स्तर पर मतभेद के चलते इस बातचीत को फिर से रद्द कर दिया गया था। अमेरिका ने इस बात की शिकायत की थी कि ईरान नई मांग लेकर सामने आया है, जोकि जेसीपीओए डील से संबंधित नहीं हैं। वहीं ईरान के अधिकारियों ने इस बात की शिकायत की कि अमेरिका प्रतिबंधों को खत्म नहीं करना चाहता है।