पिपरिया
साल भर कार्यकर्ता को तनखैया समझ कर जोतने वाली भारतीय जनता पार्टी का बूथ मैनेजमेंट इस बार के नगर पालिका चुनाव में फैल होता दिखाई दिया।भाजपा प्रत्याशियों ने जब मतदाता सूची का अवलोकन किया तो पता चला की इस बार की मतदाता सूची में भारी त्रुटि है।कई मतदाताओ के नाम वार्ड से ग़ायब है तो वही कई मोहल्लों में तो पूरी लाइन की लाइन ही मतदाता सूची में तलाशने पर भी नहीं मिल रही है।कई जगह तो पति-पत्नी के नाम अलग अलग वार्डों में जुड़ गए है।

कई मतदाताओ के नाम एक से अधिक वार्डों में भी जुड़े हुए है।भाजपा ने पिछले साल भर से भी अधिक समय से बूथ जीतो चुनाव जीतो की थीम पर पन्ना(पेज) प्रभारी बनाए थे जिनका काम मतदाता सूची में हर एक पेज का बारीकी से अवलोकन कर हर उस मतदाता का नाम सूची में जुड़वाना था।जिनका नाम इस सूची में नहीं है।वार्ड या मतदान केंद्र पर निवास नहीं करने वाले मतदाताओं का नाम कटवाना भी पेज प्रभारी की जिम्मेदारी थी।

मतदाता सूची के पेज प्रभारी को यह जवाबदारी भी सौंपी गई थी की वह मतदाताओं को भाजपा की रीति नीति से अवगत करा कर उन्हें वोट में तब्दील करने का भरसक प्रयास करे।परंतु पन्ना प्रभारियों ने सही काम नहीं किया।भाजपा ने पेज प्रभारी के कार्यक्रम को काफ़ी ज़िम्मेदारी वाला बताते हुए कहा था कि हमारे शीर्ष नेतृत्व भी पेज प्रभारी बन कर इस कार्यक्रम को सफल बना रहे है।इसी तरह भाजपा द्वारा मतदान केंद्र स्तर पर BLO एवं बूथ अध्यक्ष व बूथ महामंत्री बनाए गए थे।जिनका काम भी हर बूथ पर भाजपा को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूची का गहन अध्ययन करते हुए मतदाताओं से सीधा संवाद रखना था।इसके लिए पार्टी में मंडल से लेकर ज़िला तक लगातार बैठकों का दौर चलता रहा।कई बड़े नेता भी इन कार्यक्रमों की समीक्षा करने पिपरिया आते रहे।

त्रिदेव कार्यक्रम की मनिटरिंग प्रदेश स्तर पर भी होती रही।जिसमें बूथ कमेटियों का गठन कर संगठन को सूचित किया जाना प्रमुख था।परंतु पिपरिया में त्रिदेव कार्यक्रम सिर्फ़ काग़ज़ों में ही चलाया गया।ऐन नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों ने जब मतदाता सूची से सम्बंधित शिकायत की तो पार्टी नेतृत्व को समझ आया की इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम को ज़मीनी कार्यकर्ताओं ने गंभीरता से नहीं लिया जिसका परिणाम यह रहा की कई वार्ड में भाजपा के समर्पित वोटर भी मतदाता सूची से ग़ायब दिखाई दिए।भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है की पार्टी इतने कार्यक्रम देती है की हम लोग अपने घरो के काम तक नहीं कर पाते है।वही जब राजनैतिक लाभ लेने की बात आती है तो कुछ चिन्हित नेताओ या फिर कांग्रेस से भाजपा में आए लोगों को तव्वजो दी जाती है।जिसके चलते ही इस बार ज़मीनी कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यक्रमों को गंभीरता से नहीं लिया।

मतदान केंद्र पर आए थे VD
भाजपा में मतदान केंद्र पर चलने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा भी हथवाँस के मतदान केंद्र पर आए थे।यंहा उन्होंने कार्यकर्ताओं की बैठक लेते हुए मतदान केंद्र पर चलने वाले इन कार्यक्रमों को गंभीरता से लेने की नसीहत दी थी।VD के अनुसार त्रिदेव कार्यक्रम भाजपा कार्यकर्ता को हर समय चुनाव के लिए तैयार रखता है।दूसरी पार्टी चुनाव के समय जो काम करती है।हमारे कार्यकर्ता चुनाव के बहुत पहले से इन कामो में लग जाते है।परंतु ऐसा लग रहा है की VD की इन नसीहतों का कार्यकर्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ा।

ज़िला अध्यक्ष के गृह नगर में यह हाल
भारतीय जनता पार्टी के ज़िला अध्यक्ष माधव अग्रवाल के ग्रह नगर पिपरिया में त्रिदेव जैसे पार्टी हित के कार्यक्रम का यह हाल है तो अन्य भाजपा मंडलो में क्या हाल होगा।इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।नगर पालिका चुनाव में जंहा अग्रवाल शहर के 21 वार्डों में जीत के दावे के साथ साथ आने वाले विधानसभा व लोकसभा चुनाव जीतने का दम तो भर रहे है।परंतु वह मतदान केंद्र पर चलने वाले इन कार्यक्रमों के केवल काग़ज़ों पर चलाने  का कोई कारण नहीं तलाश पा रहे है।जबकि अग्रवाल को संगठन की ओर से मिलने वाले हर कार्यक्रम को आयोजित करने में काफ़ी गंभीर माना जाता था।परंतु बूथ स्तर के कार्यक्रम की यह दुर्गति अग्रवाल की संगठन क्षमता भी दर्शा रही है।जिसके कारण नगर पालिका में कम मतदान हुआ है।