नई दिल्ली।
 
भाजपा नेतृत्व ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति पर अमल करना शुरू कर दिया है। पार्टी ने पिछले चुनाव में हारी हुई लगभग 141 लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी अपने विभिन्न मंत्रियों को सौंपना शुरू कर दी है। हर मंत्री अगले दो साल तक इन सीटों पर जाकर लगातार काम करेंगे और जीत में बदलने की रणनीति बनाएंगे। इनमें उत्तर प्रदेश की 14 लोकसभा सीटें भी शामिल है।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर ही पार्टी ने लोकसभा चुनाव की रणनीति को आकार देना शुरू कर दिया था। इसके तहत उसने पिछली बार यानी 2019 के लोकसभा चुनाव में हारी हुई सीटों को अपना अगला बड़ा लक्ष्य बनाया है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में हारी हुई 14 सीटों के लिए पार्टी ने चार समूह बनाए हैं। इनमें सपा, बसपा कांग्रेस के कब्जे वाली सीटें शामिल हैं।

वेस्ट यूपी की तीन सीटों की जिम्मेदारी वैष्णव को
सूत्रों के अनुसार, वेस्ट यूपी के सहारनपुर, नगीना और बिजनौर की सीटों की जिम्मेदारी रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को सौंपी गई है। रायबरेली, मऊ घोसी, श्रावस्ती और अंबेडकर नगर की जिम्मेदारी केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर संभालेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह मुरादाबाद, अमरोहा संभल और मैनपुरी का काम देखेंगे। राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी को जौनपुर, गाजीपुर व लालगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पंजाब में मोर्चा संभालेंगे मंडाविया-शेखावत
अन्य प्रमुख मंत्रियों में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पंजाब की लुधियाना, संगरूर और हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पंजाब की आनंदपुर साहिब सीट की जिम्मेदारी संभालेंगे। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव महाराष्ट्र की बुलढाणा और औरंगाबाद की सीटों पर जीत की रणनीति बनाएंगे। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे तेलंगाना की नलगोंडा, महबूबनगर और नगरकुरनूल की जिम्मेदारी संभालेंगे। केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला तेलंगाना की आदिलाबाद, पेडापल्ली, मेंढक और जाहिराबाद एवं राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल को छत्तीसगढ़ की रायगढ़ और झारखंड की गिरिडीह सीट का काम सौंपा गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण महाराष्ट्र की बारामती और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा एवं छत्तीसगढ़ की कोरबा की सीटों का काम देखेंगे। अन्य राज्यों की सीटों के लिए भी केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। अश्विनी चौबे को केरल की त्रिशूर सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।