भोपाल
नगरीय निकाय के दूसरे चरण के मतदान के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए निगम से लेकर भोपाल तक मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं कटनी, रतलाम और रीवा में अपने-अपने दल के बागियों को मनाने का दौर देर रात तक चलता रहा। हालांकि इसमें किसी भी दल को सफलता नहीं मिल सकी है। दोनों ही दलों के प्रमुखों ने मतदाताओं से हर हाल में मतदान करने की अपील की है।

रीवा, कटनी, मुरैना, देवास और रतलाम नगर निगमों में आज मतदान हो रहा है। यहां पर मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच में ही सीधा मुकाबला है। हालांकि कटनी, रतलाम में भाजपा के बागी भी महापौर उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। जबकि देवास में कांग्रेस से बागी होकर मनीषा चौधरी भी महापौर उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़ रही हैं।  दोनों ही दल रात तक इन तीनों को मनाने का प्रयास करते रहे। इधर रीवा में कांग्रेस, भाजपा के साथ ही बसपा के जय प्रकाश,आम आदमी पार्टी के दीपक सिंह ने भी दम भरा है।

चल रही मॉनिटरिंग
नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में मतदान का प्रतिशत रहा था। इससे सबक लेते हुए आज दोनों ही दल मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए सक्रिय हैं। दोनों ही दलों ने तीन दिन पूर्व ही अपने-अपने कार्यकर्ताओं को इस संबंध में निर्देश दिए थे। अब वोटिंग को लेकर निकाय क्षेत्र से लेकर भोपाल तक दोनों ही दल मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। भोपाल में भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश कार्यालयों में स्थित कंट्रोल रूम से इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।

राज्य निर्वाचन आयोग का भी फोकस
पहले चरण में मतदान प्रतिशत कम होने के चलते राजनीतिक दलों के निशाने पर आए राज्य निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के मतदान को लेकर और ज्यादा सजगता दिखाई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए हैं। पहले चरण के मतदान में मतदाताओं के बूथ बदल गए थे, कई अपने बूथ के लिए भटकते नजर आए थे। इस सब से सबक लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पूर्व में ही सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस तरह की गलती न हो इसे लेकर निर्देश दिए थे। जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला प्रशासन ने रात में ही यह सुनिश्चित कर लिया था कि 95 प्रतिशत मतदान पर्चियां बांट दी गई है। अब प्रशासन के अफसर सुबह से ही मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए लोगों से मतदान की अपील कर रहे हैं।

नाथ निगमों तक रहे सीमित, सीएम नगर परिषद तक सक्रिय
कमलनाथ नगर निगम क्षेत्रों में ही सीमित रहे। जबकि मुख्यमंत्री नगर निगम क्षेत्रों के अलावा नगर पालिका और नगर परिषदों में भी चुनाव प्रचार को गए। कमलनाथ ने दूसरे चरण के मतदान वाले नगर निगमों में 6 जुलाई से ही प्रचार शुरू कर दिया था। इसके बाद वे सभी नगर निगमों में प्रचार के लिए कुछ जगहों पर उन्होंने सभा की तो कुछ जगहों पर उन्होंने रोड शो किया। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दूसरे चरण के मतदान वाले क्षेत्रों में न सिर्फ नगर निगम पर फोकस किया, बल्कि वे नगर पालिका और नगर परिषद में पार्टी के पार्षदों को जीताने के लिए भी प्रचार में कूदे।