भोपाल
 लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सभी की निगाहें आने वाले नतीजों पर हैं। मध्य प्रदेश में इस बार कुछ सांसद प्रत्याशियों का भविष्य खास चर्चा का विषय बना हुआ है। 4 जून को आने वाले नतीजों में कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां से चाहे जो भी जीते, उस क्षेत्र को एक नया सांसद मिलेगा। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव में इस बार के मुकाबले में दो राज्य सभा के सांसद और छह विधायक भी शामिल हैं। यह स्थिति विशेष रूप से दिलचस्प है।

2 राज्यसभा सीटों पर भी होंगे चुनाव

इस बार भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी दोनों ने नए चेहरों पर भरोसा किया है। कांग्रेस ने इस बार 29 सीटों में से 17 सीटों पर नए उम्मीदवारों को उतारा है, जबकि बीजेपी ने भी 11 लोकसभा क्षेत्रों में नए उम्मीदवारों को मौका दिया है। इनमें सबसे ज्यादा ध्यान गुना, राजगढ़, विदिशा, और भिंड लोकसभा सीटों पर है। विस्तार में बात करें तो एक और जहां गुना लोकसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी के प्रत्याशी हैं तो वहीं राजगढ़ सीट पर मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और वर्तमान में राज्यसभा के सांसद दिग्विजय सिंह कांग्रेस से मैदान में हैं।

विदिशा, सतना, भिंड, शहड़ोल में भी जबरदस्त टक्कर

विदिशा लोकसभा सीट की भी बड़ी चर्चा है, क्योंकि इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बीजेपी के प्रत्याशी हैं। विदिशा में चुनाव माहौल में इस सीट को लेकर विशेष ध्यान है क्योंकि चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में बीजेपी ने पिछले कुछ समय में मजबूत कदम उठाए हैं। भिंड लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के फूल सिंह बरैया चुनाव लड़ रहे हैं, जोकि उसी लोकसभा क्षेत्र से हैं। सतना से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा भी इस बार सांसदी की दौड़ में शामिल हैं। शहडोल से पुष्पराजगढ़ विधायक फंदेलाल मार्को भी इस बार चुनाव लड़ रहे हैं। उज्जैन लोकसभा सीट पर तराना के विधायक महेश परमार और मंडला से डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम भी इस बार सांसदी की दौड़ में शामिल हैं।

इन सीटों पर मिल सकते हैं नए सांसद

भोपाल, होशंगाबाद, जबलपुर, सीधी, बालाघाट, सागर, दमोह, ग्वालियर और मुरैना लोकसभा क्षेत्र भी ऐसे ही हैं। इन सभी लोकसभा क्षेत्रों में चुनावी माहौल गरम है। यहां भी नए प्रत्याशियों को मैदान में उतारा गया था। भोपाल सीट से बीजेपी ने आलोक शर्मा को उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने अरुण श्रीवास्तव को पहली बार चुनाव लड़वाया है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने पिछले चुनाव में यहां से चुनाव जीता था। होशंगाबाद में बीजेपी ने दर्शन सिंह चौधरी को उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने संजय शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। यहां पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उदय प्रताप सिंह चुनाव जीते थे। जबलपुर से बीजेपी ने आशीष दुबे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने दिनेश यादव को उम्मीदवार बनाया है। पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के राकेश सिंह चुनाव जीते थे, जो अब मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।

इसी तरह 2019 में सीधी सीट पर रीति पाठक सांसद चुनी गई थी, लेकिन इस बार बीजेपी ने राजेश मिश्रा को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने कमलेश्वर पटेल को उम्मीदवार बनाया है। बालाघाट सीट पर 2019 में बीजेपी के ढाल सिंह बिसेन जीतकर सांसद बने थे, लेकिन 2024 के चुनाव में भारती पारधी उनकी जगह लड़ रही हैं। सागर सीट पर भी भाजपा के और कांग्रेस के बीच मुकाबला है, जहां पिछले बार राजबहादुर सिंह जीते थे। इसके अलावा, दमोह में प्रहलाद सिंह पटेल को बीजेपी ने पिछले चुनावों में उतारा था, लेकिन इस बार उनकी भूमिका राज्य सरकार में है। इस बार बीजेपी ने राहुल सिंह लोधी को उम्मीदवार बनाया है, जो कांग्रेस के दरबार लोधी के खिलाफ लड़ेंगे।

मुकाबला चंबल के दो इलाकों में भी मजबूत है। मुरैना और ग्वालियर क्षेत्र में पहली बार चुनाव जीतकर सांसद बनने वाले प्रत्याशी हैं। ग्वालियर सीट पर, भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाहा और कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रवीण पाठक उम्मीदवार हैं। वहीं मुरैना में, कांग्रेस के टिकट पर सत्यपाल सिंह सिकरवार (नीटू) और भाजपा के पूर्व विधायक शिवमंगल सिंह भदोरिया के बीच मुकाबला है। इस चुनाव में लोकसभा क्षेत्र की बागडोर किसके हाथ में होगी, यह 4 जून को तय होगा।