नई दिल्ली
 
उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या सोची समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत हो रही है। एनआईए जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या के पीछे पाकिस्तानी संगठन दावत-ए इस्लामी का हाथ था। यह संगठन लगातार कट्टरपंथ के बीज बोने की कोशिश कर रहा था। एजेंसी को कट्टरपंथ के जरिए ब्रेनवाश कर हत्या की साजिश रचने के सबूत मिल रहे हैं।

यह भी बात सामने आई है कि राजस्थान में इस संगठन की ओर से 40 लोगों की टीम भी तैयार की गई थी, ताकि नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले लोगों का सिर कलम किया जा सके। पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी अजमेर में आपत्तिजनक धार्मिक किताबों की बिक्री भी करवा रहा था। वहीं, व्हाट्सऐप के जरिये लोगों को तालिबानी तरीके से सिर कलम करने की ट्रेनिंग दी जाती थी।

एनआईए और एटीएस ने यह खुलासा आतंकी रियाज और गौस की मोबाइल से मिले पाकिस्तान के 10 लोगों के नंबरों की जांच के बाद किया है। एनआईए की प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि पाकिस्तान के संगठन दावत-ए-इस्लामी ने राजस्थान के छह जिलों में नूपुर शर्मा के समर्थकों को सबक सिखाने का मिशन तय किया था। इन हत्याओं के जरिए पूरे देश में खौफ पैदा करने की साजिश थी।

गौरतलब है कि 28 जून को उदयपुर में आरोपी रियाज और गौस ने उस वक्त गला रेतकर हत्या कर दी थी जब वह अपनी टेलर की दुकान पर थे। आरोपी कपड़ा सिलाने के बहाने से घुसे और नाप लेने में व्यस्त कन्हैया पर खंजर से हमला कर दिया। कन्हैया का हत्या करने के बाद फरार हुए आरोपियों ने पहले वीडियो बनाकर वायरल किया और फिर अजमेर की ओर भागे। उन्हें रास्ते में राजसमंद में गिरफ्तार किया गया। एनआईए की टीम उनसे जयपुर में पूछताछ कर रही है। हत्याकांड में शामिल कुछ और लोगों को दबोचा गया है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।