चंडीगढ़
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने आम आदमी पार्टी के नेता और राज्य के प्रभारी राघव चड्ढा को जनहितके मामलों पर बनी सलाहकार समिति का चेयरमैन नियुक्त किया है। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी है। हाल ही में पंजाब सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर सलाहकार समिति के गठन की जानकारी दी गई थी। इस पर विपक्षी दलों की ओर से निशाना भी साधा गया है। विपक्ष का कहना है कि यह समिति बनाना असंवैधानिक है और इस तरह से सरकार से बाहर की संस्था को सत्ता के मामलों में एंट्री देना गलत है।

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग ने ट्वीट किया, 'मान साहिब आप क्यों एक गैर-संवैधानिक संस्था बना रहे हैं, जिसके हाथ में असली ताकत होगी और कोई जवाबदेही नहीं होगी। क्या यह आम आदमी पार्टी की वास्तविक ताकतों की ओर से एक साजिश है कि पंजाब में सुपर कैबिनेट और सुपर सीएम बनाया जाए? कृपया बताएं कि आप क्यों ऐसी सलाह मांग रहे हैं। कौन इस संस्था का चेयरमैन होगा और किन लोगों को इसकी सदस्यता दी जाएगी।' विपक्ष की ओर से पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि दिल्ली से पंजाब सरकार में दखल दिए जा रहे हैं और भगवंत मान स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे  हैं।  

दिल्ली सरकार से हुए समझौते को लागू करने में आएगी तेजी
हालांकि पंजाब सरकार के सूत्रों ने इसका बचाव करते हुए कहा कि इस समिति के पदाधिकारियों को अलग से कोई भत्ता या लाभ नहीं मिलेगा। समिति के सदस्यों की सलाह पर दिल्ली और पंजाब सरकार के बीच हुए नॉलेज शेयरिंग समझौते को तेजी से लागू किया जाएगा। नई कमेटी के जरिए पंजाब सरकार का फोकस दिल्ली सरकार के साथ किए नॉलेज शेयरिंग समझौते को लागू करने पर होगा। यह समझौता अप्रैल महीने में हुआ था।

चड्ढा के पीए को जिम्मेदारी मिलने पर भी उठा था सवाल
इससे पहले राघव चड्ढा के पीएम को पंजाब सरकार का मीडिया मैनेजर नियुक्त करने पर भी विवाद हुआ था। चड्ढा के निजी सचिव मोहम्मद असगर जैदी को एक लाख रुपये प्रति महीने की सैलरी पर यह पद दिया गया है। जालंधर कैंट से कांग्रेस सांसद परगट सिंह ने ट्वीट कर कहा था, 'पंजाब के सूबेदार राघव चड्ढा पंजाब के गले में दिल्ली का फंदा कसना चाहते हैं। उनके लंबे समय से सेवारत पीए मोहम्मद असगर जैदी अब 1 लाख प्रतिमाह के वेतन के साथ पंजाब सरकार में डिजिटल मीडिया मैनेजर बन गए हैं। अब पंजाब सरकार के खर्च पर दिल्ली आप के स्पिन मास्टर को नियुक्त किया गया है।'