नई दिल्ली
बीते चार साल से भी कम समय के भीतर में इजरायल में आम चुनाव होंगे। इसी कड़ी में इजरायल की संसद भंग कर दी गई है और नवंबर में आम चुनाव कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। देश की संसद ने इस संबंध में निर्णय लिया है और एक स्पेशल बिल पास करके नए चुनाव का रास्ता साफ कर दिया है। तमाम पार्टियां नए चुनाव कराने का समर्थन कर चुकी हैं। दरअसल, इजरायल के विदेश मंत्री और निवर्तमान सरकार के गठन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले यैर लैपिड शुक्रवार को मध्यरात्रि के बाद देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनेंगे। वह 14वें व्यक्ति होंगे जो यह पदभार संभालेंगे। निवर्तमान प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट इजरायल के इतिहास में सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहे हैं। उनकी सरकार गठन होने के एक साल बाद ही गिर गई।

इजरायल में अब एक नवंबर को नए चुनाव होंगे। 2019 से 2022 के बीच यह पांचवां इलेक्शन होगा। नफ्टाली बेनेट सरकार में नंबर दो रहे येर लैपिड को केयरटेकर सरकार की जिम्मेदारी दी गई है। कुछ दिन पहले ये माना जा रहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समर्थन जुटाकर फिर प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने भी तय कर लिया कि नए चुनाव कराना ही बेहतर होगा। इजरायल के इतिहास में सबसे लंबे समय 12 साल तक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपदस्थ कर बेनेट की सरकार बनी थी। इसके लिए अलग-अलग विचारधारा की आठ पार्टियां एकजुट हुई थीं। संसद को भंग करने के प्रस्ताव का 92 सदस्यों ने समर्थन किया जबकि किसी सदस्य ने इसका विरोध नहीं किया।