मुंबई
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है, जबकि आगामी घरेलू सत्र में रणजी ट्रॉफी सत्र पूरा कराने की योजना है। दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप कम से कम तीन सत्र से आयोजित नहीं हुए हैं, जबकि बीसीसीआई को कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में पहली बार रणजी सत्र रद्द करना पड़ा था। बीसीसीआई ने पिछला रणजी सत्र छोटा कर दिया था।

बीसीसीआई शीर्ष परिषद ने गुरूवार को 2022-23 सत्र के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की जिसमें बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली ने घोषणा की कि 2022-23 में पूर्ण घरेलू सत्र खेला जाएगा। बोर्ड दलीप ट्रॉफी के साथ पुरूष सीनियर सत्र शुरू करने पर विचार कर रहा है जिसके आठ सितंबर से खेले जाने की संभावना है। साथ ही बीसीसीआई एक से पांच अक्टूबर तक ईरानी कप की मेजबानी पर भी विचार कर रहा है।

इससे पहले दलीप ट्रॉफी पांच क्षेत्र के बीच नॉकआउट आधार पर करायी जाती थी लेकिन बाद में यह तीन टीमों का मुकाबला बन गयी थी जिसमें राउंड-रोबिन प्रारूप के आधार पर शीर्ष दो टीमें फाइनल में पहुंचती। ईरानी कप में मौजूदा रणजी ट्रॉफी चैम्पियन का सामना शेष भारत टीम से होता है।     सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी की मेजबानी के विकल्प पर भी चर्चा की गयी।

मुश्ताक अली ट्रॉफी (टी20) 11 अक्टूबर से खेली जा सकती है, जबकि विजय हजारे ट्रॉफी (वनडे प्रारूप) के 12 नवंबर से होने की उम्मीद है। रणजी ट्रॉफी 13 दिसंबर से शुरू हो सकती है जिसके नॉकआउट मैच एक फरवरी से खेले जा सकते हैं। बैठक में जिन प्रारूपों पर चर्चा हुई, उनमें से एक के अनुसार रणजी ट्रॉफी में आठ एलीट टीमों के चार ग्रुप और छह प्लेट टीमों का एक ग्रुप हो सकता है। गांगुली ने कहा कि आगामी सत्र से महिलाओं का अंडर-16 वर्ग शुरू किया जायेगा।