खंडवा
रेलवे मंत्रालय द्वारा वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत बैंबू क्राफ्ट क्लस्टर गुलाई माल के जनजाति कारीगरों को रेलवे स्टेशन खंडवा में प्रदर्शनी हेतु स्थान उपलब्ध कराया गया। रेलवे स्टेशन पर लगी प्रदर्शनी को लेकर यात्रियों में काफी उत्साह है और बांस से बनी सामग्री  लोग खरीद रहे है। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के वन मंत्री डा. कुंवर विजय शाह द्वारा प्रदर्शनी में पहुंचकर क्षेत्रीय कारीगरों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर कारीगरों के उत्पाद के विक्रय के संदर्भ में जानकारी ली। मंत्री शाह ने बांस से निर्मित रेस्ट चेयर भी खरीदी। यह पहला अवसर नहीं है, जब भी डा. कुंवर विजय शाह को प्रदर्शनी के संदर्भ में जानकारी प्राप्त होती है वे पहुंच कर कारीगरों का हाल-चाल जानते हुए उनका उत्साहवर्धन करते हैं। शाह ने बताया कि बढ़ता प्लास्टिक का उपयोग पर्यावरण के लिए घातक है इसलिए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक बैन किया है।

एकल उपयोग प्लास्टिक की वस्तुओं के विकल्प को बढ़ावा देने के इको फ्रेंडली वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाकर आम जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है। प्रकृति ने अनमोल उपहार हमें दिए हैं हम उनका सदुपयोग कर पर्यावरण को भी बचा सकते हैं। साथ ही लोगों को रोजगार भी प्रदान कर सकते हैं। इस पाबंदी की सफलता तभी है जब सभी हितधारकों और जनता की भागीदारी को प्रभावी रूप से इसमें शामिल किया जाए और वे सम्मिलित रूप से प्रयास करे। मंत्री शाह ने कहा हम जल्द ही बांस शिल्पी कारीगरों को गुणवत्ता युक्त ट्रीटमेंट वाला बांस आसानी से उपलब्ध हो सके इस हेतु बड़ा ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने जा रहे हैं जिससे कारीगरों को आसानी से गुणवत्ता वाला बांस मिल सकेगा।

देश के प्रधानमंत्री द्वारा लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के लिए जो मुहिम चलाई है आज उससे हमारे बनवासी भाई बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले वर्षों में खंडवा जिले को प्लास्टिक मुक्त करने में बांस कला केंद्र गुलाई माल के कारीगर एक नया आयाम स्थापित करेंगे। इस अवसर पर डा. कुंवर विजय शाह का कारीगर सलीता, सोनाली, माधुरी और संस्था प्रमुख मोहन रोकड़े, परियोजना समन्वयक महेश नायक द्वारा पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया।