लखनऊ
उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी की वजह से एक ओर जहां सरकार ने संभावित सूखे की स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है वहीं दूसरी और यूपी मौसम विभाग ने यूपी के लिए राहत भरी खबर दी है। मौसम विभाग की माने तो 18 जुलाई के बाद यूपी के दो दर्जन जिलो में बारिश होने की चेतावनी जारी की है। यूपी में औसत से कम बारिश होने की वजह से किसानो की चिंताएं बढ़ गई हैं। खासतौर से धान की फसल की रोपाई बड़े पैमान पर प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार धान की बुवाई का रकबा करीब 6 लाख हेक्टेयर कम हुआ है।
 
मौसम विभाग की माने तो इस साल कमजोर मॉनसून के कारण लंबे समय तक चलने वाला शुष्क मौसम सोमवार-मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में टूट सकता है। अगले तीन दिनों के बाद बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम हो जाएगी। मानसून सामान्य तिथि से दो दिन पीछे आया और तब से कमजोर बना हुआ है। गुरुवार को लखनऊ के कुछ हिस्सों सहित अलग-अलग स्थानों से बारिश होने की सूचना है।
 
यह पिछले कई दिनों से लू जैसी स्थिति के कारण हुआ है, जिसमें दिन और रात दोनों समय पारा सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक है। लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस, सामान्य से 5.7 यूनिट और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आने वाला सप्ताह राज्य के लिए महत्वपूर्ण है।

राज्य के मौसम निदेशक जेपी गुप्ता ने कहा कि "कम वायुमंडलीय दबाव का एक लंबा क्षेत्र सक्रिय है और वर्तमान में अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में स्थित है। इसके 17 जुलाई से धीरे-धीरे उत्तर की ओर शिफ्ट होने की संभावना है। इसकी वजह से यूपी में अगले सप्ताह से सामान्य से लेकर भारी बारिश होने का अनुमान है। यूपी में सोमवार या मंगलवार से तीन दिनों तक बारिश हो सकती है।"

दक्षिण-पश्चिम मानसून के अलावा, वायुमंडलीय परिस्थितियां भी वर्षा का कारण बनती हैं। उन्होंने कहा कि जहां अब मध्य भारत पर कम दबाव है, वहीं 19 जुलाई को बंगाल के ऊपर वायुमंडलीय विक्षोभ के कारण उत्तरी ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में बारिश होने की संभावना है।