उज्जैन
लंबे वक्त के बाद आखिरकार भक्तों का वह इंतजार पूरा होने जा रहा है, जब राजाधिराज बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने पालकी में सवार होकर निकलेंगे। पिछले 2 साल से कोरोना संक्रमण होने के कारण बाबा महाकाल की सवारी में भक्तों को शामिल होने की परमिशन नहीं थी, लेकिन इस बार प्रशासन, बाबा महाकाल की सवारी में भक्तजनों को शामिल होने की अनुमति प्रदान कर सकता है। इसी के चलते सावन और भादो मास में निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए आला अधिकारी भी मैदान में उतर चुके हैं, जहां सावन मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी के पूर्व आवश्यक निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
अधिकारियों ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारियों की व्यवस्थाओं का जायजा संभागायुक्त संदीप यादव, आईजी संतोष कुमार सिंह और कलेक्टर आशीष सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मन्दिर परिसर एवं मन्दिर के आसपास चल रहे निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश सम्बन्धित मन्दिर प्रबंध समिति के प्रशासक को दिए गए हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि, बेरिकेट्स व्यवस्थित लगाये जायें, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
प्रशासनिक अधिकारियों ने सर्वप्रथम बेगमबाग वाले वीआईपी रूट का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पैदल बेगमबाग से महाकाल मन्दिर परिसर का निरीक्षण कर चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन कर सम्बन्धित अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि, श्रावण मास में दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को आने-जाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके बाद अधिकारियों ने हरसिद्धि चौराहा, चारधाम के समीप स्थित पार्किंग वाले स्थल, दर्शनार्थियों के प्रवेश एवं निर्गम की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर सम्बन्धितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इसके बाद भगवान महाकाल के परम्परागत सवारी मार्ग का निरीक्षण किया।
 
18 जुलाई को भगवान महाकालेश्वर की पहली सवारी
श्रावण एवं भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की सवारी के क्रम में प्रथम सवारी 18 जुलाई को निकाली जाएगी। द्वितीय सवारी 25 जुलाई को, तृतीय सवारी 1 अगस्त को, चतुर्थ सवारी 8 अगस्त को, 15 अगस्त को पंचम सवारी और 22 अगस्त को शाही सवारी निकाली जायेगी। नागपंचमी पर्व 2 अगस्त को मनाया जायेगा। इस दिन वर्ष में एक बार खुलने वाले भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शन होंगे।